औरैया। जिले में इटावा कानपुर हाईवे का दायरा 39 किमी के करीब है। वाहनों के आवागमन के मामले में यह हाईवे सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। यहां पर अवैध कट से लोगों का निकलना जोखिमभरा था। ऐसे में एनएचएआई की ओर से डिवाइडर पर दोनों ओर क्रॉस बैरियर लगाए गए। लेकिन दो क्रॉस बैरियर के बीच खुली जगह अब भी लोगों के लिए अवैध कट का काम कर रही है। यही खाली जगह लोगों के लिए काल बनी हुई है। इसके बावजूद इन खाली जगह की सुध नहीं ली जा रही है।
कानपुर देहात की सीमा से शुरू होकर इटावा कानपुर हाईवे का दायरा अजीतमल के अनंतराम तक हैं। हाईवे पर अवैध कटों से निकलने वाले लोग अक्सर हादसों का शिकार हो जाते हैं। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अक्सर यही अवैध कट मुख्य मुद्दा बनते रहे हैं। ऐसे में इस 39 किमी के दायरे में तकरीबन 13 अवैध कटों को पिछले डेढ़ साल में एनएचएआई की ओर से खत्म किया गया है। इसके लिए दोनों लेन के बीच डिवाइडर पर क्रॉस बेरियर लगाए गए लेकिन दो क्रॉस बैरियर के बीच छोड़ी गई एक फिट की जगह अभी भी लोगों को अवैध कट की सुविधा मुहैया करा रही है।
लोग एक फिट रास्ते से होकर एक लेन से दूसरी लेन पर जा रहे हैं। जान को जोखिम में डालकर भले ही वो शार्टकट रास्ता चुन रहे हैं। लेकिन अक्सर लोगों के इन अवैध कटों से निकलने के दौरान हादसे भी हो रहे हैं। वाहनों की चपेट में आकर लोग जान गवां रहे हैं। जबकि अवैध कटों को कागजों में खत्म कर दिया गया है।
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पिछले छह माह के आंकड़ें चौकाने वाले:
यूं तो हाईवे पर अक्सर हादसे होते रहते हैं। लेकिन अवैध कट से निकलने वाले लोगों के हादसे बहुतायत में है। हाईवे की लेन पर फर्राटा भरते वाहनों के बीच अवैध कट से निकलते लोग वाहन की चपेट में आ जाते हैं। पिछले छह माह में हुए 39 हादसों में तकरीबन 52 लोग जख्मी हुए हैं जबकि चार लोगों की जान चली गई है।
बोले जिम्मेदार-
अवैध कटों से निकलना जोखिम भरा है। यह जागरूकता का विषय है। लोगों को स्वयं से समझना चाहिए। फिर भी क्रॉस बैरियर लगाकर हाईवे पर काफी हद तक अवैध कटों को बंद कर दिया गया है। जहां कुछ जगह बची हैं, वहां पर भी सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे।
- उमेश चंद्र मिश्रा, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई
फोटो-26एयूआरपी 01- अजीतमल के फूटेकुआं समीप क्रॉस बेरियर के बीच खाली जगह से लेन पार करता साइकिल