औरैया। ककराही मौजा में 200 करोड़ की जमीन के फर्जीवाड़े में एसडीएम सदर न्यायालय ने गुरुवार को फैसला सुना दिया है। आदेश में उन्होंने फर्जी प्रविष्टियों के जरिए करीब साढ़े सात एकड़ हथियाई गई जमीन को निरस्त कर दिया।
उन्होंने इस जमीन को ग्राम सभा में ऊसर श्रेणी में दर्ज करने के आदेश दिया है। कोर्ट में करीब नौ माह तक चली सुनवाई में एसडीएम सदर ने यह फैसला दिया है।
औरैया-दिबियापुर मार्ग पर ककराही मौजा में करीब साढ़े सात एकड़ जमीन के इस फर्जीवाड़े के मामले को अमर उजाला ने सात मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बाद डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने 31 जुलाई 2024 को सदर तहसील की एसडीएम की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टीम गठित की थी। इस टीम ने ककराही, वैसुंधरा, जमुहां, जमूही, कैंजरी व लखनापुर आदि पंचायतों में जमीन के फर्जीवाड़ा की जांच की थी।
टीम ने इसमें ककराही मौजा में करीब 200 करोड़ रुपये की कीमत वाली औरैया-दिबियापुर रोड किनारे की साढ़े सात एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से हथियाने का मामला पकड़ा था। जांच रिपोर्ट के आधार पर 24 अगस्त 2024 को सदर तहसील में ही एसडीएम कोर्ट में वाद दर्ज कराया गया था।
मामले में नोटिस जारी होने के साथ सुनवाई शुरू हुई थी। पाया गया कि फर्जी प्रविष्टि के सहारे साढ़े सात एकड़ जमीन दो लोगों के नाम चढ़ा दी गई थी। इस मामले में पट्टा आवंटन की पत्रावली भी जांच टीम को नहीं मिली थी।
मामले में 29 मई को एसडीएम राकेश सिंह ने इस मामले में आदेश जारी किया। सात सात एकड़ जमीन अब दोबारा से ग्राम सभा में ऊसर जमीन के नाम दर्ज होगी। फर्जी तरीके से भूमाफिया के द्वारा हथियाई गई इस जमीन को पंचायत को सौंपा जाएगा।
ककराही मौजा साढ़े सात एकड़ की जमीन के वाद की सुनवाई करते हुए ग्राम सभा में दर्ज कराने का आदेश दिया गया है। सामने आए भूमाफिया के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई होगी।-राकेश कुमार, एसडीएम सदर
ये था मामला
एसडीएम की अध्यक्षता में गठित छह सदस्यीय टीम ने ककराही मौजा की साढ़े सात एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा पकड़ा था। जांच रिपोर्ट में आरोपी सत्यनारायन व अरविंद कुमार ऊसर की साढ़े सात एकड़ जमीन पर फर्जी प्रविष्टि के सहारे काबिज हो गए थे। इन्होंने पट्टा आवंटन की फर्जी प्रविष्टि दर्शाकर जमीन हथिया ली थी। जबकि एक पात्र को अधिकतम 3.125 एकड़ जमीन का पट्टा दिया जा सकता था। इस मामले में जांच टीम को पट्टा आवंटन की पत्रावली भी नहीं मिली थी। जांच टीम ने तत्कालीन लेखपाल को प्राथमिक जांच में दोषी माना था।
जमीन पर बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग, चल रहा पेट्रोल पंप
दिबियापुर-औरैया मार्ग पर कस्बा से सटी इस साढ़े सात एकड़ जमीन पर कई बिल्डिंगें बन गई हैं। राजस्व जानकारों की मानें तो यहां पर बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की गई है। फर्जी तरीके से हथियाई गई जमीन पर प्लाटिंग कर भूमाफिया ने प्लॉट बेचकर करोड़ों रुपये कमाए। जाने-अनजाने लोगों ने प्लॉट खरीदे, बिल्डिंगें भी बन गईं। चंद लोगों के फर्जीवाड़े ने कई लोगों को मुसीबत में डाल दिया है। खास बात यह है कि इस जमीन पर पेट्रोल पंप भी चल रहा है। एक बिल्डिंग में बैंक भी संचालित है।
75 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर चल रहा भाव
ककराही मौजा में दिबियापुर-औरैया रोड किनारे जमीन के भाव आसमान छू रहे हैं। प्लॉटिंग कारोबारियों की माने तो कस्बे से सटी इस जमीन का बाजार भाव 75 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर चल रहा है। साढ़े सात एकड़ जमीन के लिहाज से तकरीबन 30 हजार वर्ग मीटर का दायरा है। ऐसे में इस जमीन की कीमत 200 करोड़ आंकी जा रही हैं। इस मामले में जारी हुए आदेश के बाद भूमाफिया में खलबली मची है।