अजीतमल। कोतवाली क्षेत्र के शहबाजपुर गांव में एक प्रसूता ने सीएचसी में बेटे को जन्म दिया। प्रसव के पांच घंटे के बाद परिजन महिला व नवजात को लेकर घर चले गए। मंगलवार देर रात महिला की हालत बिगड़ी तो परिजन वापस सीएचसी लेकर पहुंचे। जहां डाॅक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया।
शहबाजपुर गांव निवासी अमित कुमार किसान है। उसका विवाह 2016 में जाैरान पुरवा असेनी गांव निवास सोबरन की बेटी प्रियंका से हुआ था। उसका पांच साल का एक बेटा आर्यन है। दोबारा गर्भवती होने पर परिजन प्रियंका को 14 मई की सुबह साढ़े 10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अजीतमल लेकर पहुंचे थे। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे प्रियंका ने बेटे को जन्म दिया।
स्टाफ नर्स, आशा और सीएचसी के अन्य स्टाफ के मना करने के बावजूद परिजन अपनी जिम्मेदारी पर प्रियंका को नवजात के साथ शाम साढ़े पांच बजे घर लेकर चले गए। मंगलवार देर रात हालत बिगड़ने पर वापस सीएचसी ले आए। जहां डॉक्टर ने प्रियंका को देखते ही मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि प्रसूत के 48 घंटे देखरेख के बाद प्रसूता को डिस्चार्ज किया जाता है। स्टाफ के मना करने के बावजूद भी अपनी जिद और जिम्मेदारी पर परिजन जबरन महिला को लेकर घर चले गए थे। रात में फिर से उसे लेकर सीएचसी आए थे। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
कोतवाल राजकुमार सिंह ने बताया कि प्रियंका के पति अमित सहित मायके पक्ष के लोगों की ओर से पोस्टमार्टम न कराने और भविष्य में कोई कानूनी कार्रवाई न करने का प्रार्थना पत्र दिया गया था। काफी समझने के बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हुए है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।