औरैया। दिबियापुर कस्बा में सरकारी जमीन पर मकान बनाकर बाजार सजाने वालों में खलबली मची हुई है। यहां पर अतिक्रमण कारियों को 11 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है। स्वयं से मकान न हटाने पर प्रशासन का बुलडोजर इस अतिक्रमण पर गरजेगा। हैरानी की बात तो यह है कि यह कार्रवाई तब होती जब घरों में दीपावली से पहले रंगाई-पुताई का दौर शुरू होता है।
दिबियापुर कस्बा में अतिक्रमण का कोढ़ इस कदर फैला कि एक युवक ने हाईकोर्ट की दौड़ लगा दी। मामले में हाईकोर्ट के दखल के बाद जिला प्रशासन ने दिबियापुर कस्बा को अतिक्रमण मुक्त करने की कवायद पिछले कुछ सालों से छेड़ रखी है। जानकार बताते हैं कि हर साल प्रशासन का यह प्रयास तब शुरू होता है, जब हाईकोर्ट सिंचाई व पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अतिक्रमण की प्रगति पूछता है। फिर क्या सरकारी मशीनरी हरकत में आ जाती है। साल 2024 में अतिक्रमण कारियों के मकानों पर नोटिस चस्पा किए गए। कुछ लोगों ने चेतावनी के बाद सरकारी जमीं से अपने मकान भी हटा लिए थे। वहीं बाद में सरकारी मशीनरी का बुलडोजर गरजा था। इसके बाद 40 से ज्यादा मकानों को ढहा दिया गया था।
खास बात यह रही थी यह कवायद दीपावली से पहले हुई थी। जब घरों को सजाने का दौर चल रहा था। अब एक बार फिर से दीपावली आने वाली है। सिंचाई विभाग ने जहां 48 मकानों पर नोटिस चस्पा किए हैं,तो पीडब्ल्यूडी ने करीब 300 मकानों पर नोटिस लगाए हैं। इसके लिए 11 सितंबर तक का अल्टीमेटम दिया गया है। समय से कब्जों को यदि न हटाया गया तो एक बार फिर से बुलडोजर गरजेगा। सुरक्षा इंतजाम के ताने बाने के साथ सरकारी मशीनरी इस काम को अंजाम देगी। डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल नोटिस चस्पा कराए गए हैं। मकानों में रह रहे लोगों को अपना पक्ष रखने की मोहलत भी दी गई है।
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नहर बाजार में पिछले साल फैल गया था सन्नाटा
दिबियापुर कस्बा की नहर बाजार में साल 2024 में चले बुलडोजर के बाद यहां पर कुछ लोगों ने स्वयं से अपने मकान हटा लिए थे। कुछ ने तो सामान हटाकर दरवाजे हटा लिए थे। लेकिन सरकारी मशीनरी की सुस्ती हो जाने के बाद उन्हीं मकानों को फिर से दुरुस्त कराते हुए बाजार सजा दिया था। यहां अब भी ये बाजार सजा हुआ है। यहां फिलहाल खूब रौनक दिख रही है। सरकारी जमीं पर दुकानदारों का बाजार खूब फलफूल रहा है। अब नोटिस चस्पा होने के बाद इन दुकानदारों में फिर से खलबली मची है।
पूरी है तैयारी, नहीं पड़ेगा खलल
सिंचाई विभाग, पीडब्ल्यूडी से लेकर जिला प्रशासन सरकारी जमीन पर बने मकानों पर नोटिस चस्पा होने के बाद पुख्ता तैयारी में जुटा है। कोर्ट के अनुकूल जरूरी कवायद को लेकर अंदरखेमे तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों की माने तो पुलिस से लेकर अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी भी बांटी जा रही है।