औरैया। बेसिक शिक्षा में नौनिहालों को संवारते हुए शिक्षक समाज में आधी आबादी अपना विशिष्ट स्थान बना रहीं हैं। पिछले कुछ सालों में इस तमगे को पाने में महिलाओं का दबदबा रहा है। जब उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में नवाचार, खेल और पर्यावरण में रुचि दिखाई है। बच्चों में विशिष्ट एक्टिविटी के जरिए पढ़ाई, खेल और पर्यावरण के प्रति रुचि बढ़ाने पर उन्हें सम्मानित किया जा रहा है। राज्य अध्यापक पुरस्कार पाने वाली इन महिला शिक्षकों के स्कूल भी उनके प्रयासों की बानगी दे रहे हैं। जिन गांवों में ये स्कूल हैं। वहां के लोग भी उन्हें सरमाथे बैठाकर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को गढ़ पा रहे हैं। घर के साथ साथ स्कूल में मिल रहे संस्कार नौनिहालों की बुनियाद मजबूत कर रहे हैं। जिले से इस बार भी एक शिक्षक का चयन किया गया है।
-
पठन-पाठन बेहतर, नवाचार ने बदली तस्वीर
सहार ब्लॉक के पुर्वा फकीरे में उच्च प्राथमिक स्कूल है। यहां की प्रधानाध्यापक सुनीता कटियार को साल 2019 में राज्य अध्यापक पुरस्कार मिला था। नवाचार से रुचिकर पढ़ाई के साथ यहां पर हर साल राष्ट्रीय योग्यता आधारित परीक्षा में बच्चे चयन पा रहे हैं। छह, सात व आठ, तीन कक्षा वाले इस स्कूल में एक्सट्रा क्लास भी लगती है। यहां की छात्र संख्या सुनीता कटियार के आने से पहले 50 के पार नहीं जाती थी। खास बात यह है कि यहां पठन-पाठन के साथ ही पर्यावरण के क्षेत्र में बीज बैंक का नवाचार किया गया है। बच्चे पेड़ पौधों के बीज जुटाकर स्कूल के बैंक में जमा करते हैं, जिन्हें लोगों को बांटकर धरा को हरियाली का शृंगार किया जाता है।
-
फोटो-04एयूआरपी 18- अलका यादव। संवाद
बालिका शिक्षा पर दिया जोर, तो शासन ने नवाजा
भाग्यनगर ब्लॉक के नगला जयसिंह गांव स्थित परिषदीय स्कूल की शिक्षक अलका यादव को साल 2021 में राज्य अध्यापक पुरस्कार मिला था। वो बताती हैं कि बालिका शिक्षा को लेकर उन्होंने तमाम प्रयास किए थे। वो यहां पर साल 2015 से तैनात है। पहले जहां छात्र संख्या 30-40 रहती थी। तो वहीं उनकी तैनाती के बाद यहां की छात्र संख्या 150 तक पहुंची थी। इसी वजह से यह स्कूल सबसे पहले इंग्लिश मीडियम किया गया था। वहीं, बाद में इसे कंपोजिट कर दिया गया था। हाल ही में इस स्कूल को पीएमश्री भी घोषित कर दिया गया है। अब यहां पर छात्र संख्या 300 है।
सीन-03)
फोटो-04एयूआरपी 19- हेमलता। संवाद
फोटो-04एयूआरपी 20- बच्चों को पढ़ाती हेमलता। संवाद
अब हेमलता राज्य अध्यापक पुरस्कार से होंगी सम्मानित
एरवाकटरा ब्लॉक के रठगांव स्थित कंपोजिट स्कूल की प्रधानाध्यापक हेमलता को शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने नौनिहालों को शिक्षा के साथ-साथ खेल में भी चमकाया है। यहां के बच्चे राष्ट्र स्तर पर खेल चुके हैं। हेमलता को ओलंपिक एसोसिएशन के खेल रत्न से भी नवाजा जा चुका है। हेमलता बताती हैं कि उन्होंने साल 2000 में मुरादपुर स्कूल में तैनाती पाई गई थी। साल 2006 में उनका रठगांव में तबादला हो गया था। कुश्ती में विशेष रुचि होने की वजह से उन्होंने बच्चों को तराशना शुरू किया। यहां के बच्चे कुश्ती में प्रदेश स्तर पर भी खेल चुके हैं। वो बच्चों की फिटनेस व खेलकूद के इंतजाम पुख्ता रखती हैं। मिड डे मील का स्वयं ध्यान रखती हैं।
फोटो-04एयूआरपी 16- सुनीता कटियार। संवाद