फफूंद (औरैया)। सरकार की सख्ती के कारण इस वर्ष किसानों ने पराली को खेतों में नहीं जलाया है। धान की फसल काटने के बाद खेत को गेहूं की बुआई के लिए तैयार करने के लिए पराली को खेत से निकाल कर बाहर रखने की मजबूरी के चलते किसानों ने सड़कों पर पराली डाल दी है। इससे सड़कें संकरी होने से राहगीरों को परेशानियां उठानी पड़ रहीं हैं। तमाम बार कहने के बावजूद भी प्रधान व सचिव के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है।
फफूंद एवं नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल की कटाई का काम लगभग पूरा हो चुका है। इस वर्ष सरकार ने किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने के साथ ही इस पर सख्ती भी की है। ऐसे में बहुत से किसानों ने पराली को खेतों से निकालकर सड़कों पर डाल दिया है। ग्रामीणों का सोचना था कि ग्राम पंचायत स्तर से पराली को उठवा लिया जाएगा लेकिन अभी तक इस समस्या की ओर न तो प्रधान ने और न ही ग्राम पंचायत सचिव ने कोई ध्यान दिया है।
ग्राम पंचायत फफूंद देहात के मजरा गांव फक्कड़पुर को तर्रई रोड से जाने वाली सड़क के किनारे पराली डाले जाने से सड़क सकरी हो गई है। इससे खेतों की जुताई बुआई करने के लिए निकलने वाले ट्रैक्टर को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फक्कड़पुर से बहादुरपुर जाने वाली सड़क पर खेतों से निकाली गयी पराली पड़ी होने से पैदल निकलने वाले राहगीरों, साइकिल वालों, बाइक सवारों को निकलने में कठिनाई हो रही है। आये दिन फिसल कर चोटिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रधान और सचिव से भी पराली हटवाने को कहा गया लेकिन पराली नहीं हटवाई गयी। इस संबंध में ग्राम पंचायत फफूंद देहात के सचिव नंदराज ने कहा कि सड़कों पर पड़ी पराली को जल्दी ही हटवा दिया जाएगा।