दिबियापुर। उत्तर मध्य रेलवे द्वारा मुरी एक्सप्रेस का लूसा और महानंदा एक्सप्रेस का जलेसर रोड स्टेशन पर ठहराव घोषित किया गया है। वहीं फफूंद में मांग के बावजूद इन ट्रेनों का ठहराव न होने से लोगों में रोष है।
रेलवे के इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि कानपुर सेंट्रल व इटावा जंक्शन के बीच सर्वाधिक राजस्व देने वाले रेलवे स्टेशन फफूंद को फिर क्यों नजरअंदाज किया गया है। लोगों का कहना है कि फफूंद स्टेशन से प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं।
एनटीपीसी, गेल व अन्य उद्योगों के कारण यहां बाहर से आने-जाने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसके बावजूद नई ट्रेनों के ठहराव की सूची में फफूंद का नाम शामिल नहीं किया गया है।
ऐसा तब हुआ, जब पिछले सप्ताह प्रयागराज में हुई रेलवे की बैठक में राज्यसभा सांसद गीता शाक्य ने ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव दिया था। स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से फफूंद स्टेशन पर भी इन ट्रेनों के ठहराव की घोषणा करने की मांग की है।