दिबियापुर। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रदीप यादव को लगातार तीसरी बार दिबियापुर विधानसभा से अपना प्रत्याशी घोषित किया है। प्रदीप ने 2012 के चुनाव में इसी सीट से जीत दर्ज की थी।
वर्ष 2012 में दिबियापुर विधानसभा सीट का सृजन हुआ था। इस सीट पर पहला चुनाव भी इस साल हुआ। तब सपा ने प्रदीप यादव को अपना प्रत्याशी बनाया था। प्रदीप ने 76819 मत पाकर जीत दर्ज की थी।
दूसरे नंबर पर रहे बसपा के रामजी शुक्ला को 52528 मत मिले थे। इसके बाद वर्ष 2017 में हुए चुनाव के दौरान सपा में मची कलह के बीच भी पार्टी ने प्रदीप यादव पर ही भरोसा जताया था। लेकिन इस चुनाव में भाजपा के लाखन सिंह राजपूत ने उन्हें मात दे दी। लाखन सिंह को 71480 और प्रदीप यादव 59386 मत मिले थे।
सपा ने इस चुनाव में भी दिबियापुर विधानसभा सीट पर प्रदीप यादव पर ही भरोसा जताया है। प्रदीप यादव ने लखनऊ से फोन पर बताया कि उनका टिकट फाइनल हो गया है। वह आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं।
सपा मुखिया के लिए छोड़ दी थी कन्नौज लोकसभा सीट
मूल रूप से इटावा जिले के भरथना निवासी प्रदीप यादव का सपा मुखिया अखिलेश यादव के परिवार से गहरा नाता रहा है। वह वर्ष 1998 एवं 1999 में कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद भी रहे। लेकिन जब सपा मुखिया अखिलेश यादव को सांसद बनाने की बात सामने आई तो उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद वर्ष 2000 के उपचुनाव में अखिलेश यादव पहली बार कन्नौज सीट से सांसद बने थे। प्रदीप यादव वर्ष 2001 में उपचुनाव में पहली बार भर्थना विधानसभा से विधायक बने थे। इसके बाद दिबियापुर विधानसभा से वर्ष 2012 में विधायक बने।
औरैया से जितेंद्र दोहरे सपा प्रत्याशी
भीखेपुर अजीतमल निवासी जितेंद्र दोहरे को सपा ने औरैया सुरक्षित सीट से प्रत्याशी घोषित किया है। स्वास्थ्य विभाग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक के पद पर नौकरी कर रहे जितेंद्र दोहरे के प्रत्याशी बनाए जाने पर सभी चर्चाओं पर विराम लग गया। उन्हें शुक्रवार देर शाम समाजवादी पार्टी ने फार्म-बी दे दिया। सपा जिलाध्यक्ष राजवीर यादव ने जितेंद्र को पार्टी द्वारा प्रत्याशी घोषित करने की पुष्टि की है। वहीं, जितेंद्र ने बताया कि वह जल्द ही एनआरएचएम की सेवा से इस्तीफा देंगे।