औरैया। कर-करेत्तर राजस्व वसूली में अपेक्षित प्रगति न मिलने और बैठक से अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने सब रजिस्ट्रार, मंडी सचिव अछल्दा और तहसीलदार (न्यायिक) बिधूना का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित मानस सभागार में कर-करेत्तर और सीएम डैशबोर्ड पर शामिल योजनाओं की समीक्षा बैठक में डीएम ने अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की हिदायत दी।
डीएम ने वाणिज्य कर, व्यापार कर, परिवहन कर, विद्युत देय और मुख्य देय की वसूली लक्ष्य के अनुरूप न होने पर नाराजगी जताई। सभी तहसीलदारों को अधीनस्थ अमीनों का लक्ष्य तय कर प्रतिदिन वसूली की समीक्षा करने और निर्धारित लक्ष्य पूरा कराने के निर्देश दिए। परिवहन, आबकारी और वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों से प्रवर्तन कार्रवाई तेज करने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि कार्रवाई गठित टास्क फोर्स की मौजूदगी में ही की जाए।
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में उपायुक्त उद्योग, जिला आबकारी अधिकारी और सचिव मंडी औरैया को अपनी रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के आवेदनों पर संबंधित बैंकों से समन्वय कर पात्र लाभार्थियों को ऋण वितरित कराने को कहा।
डीएम ने उप जिलाधिकारियों को किसानों के साथ होने वाली दुर्घटनाओं के मामलों का समय से निस्तारण कर पीड़ितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि तहसीलों के न्यायालयों में पांच साल से अधिक पुराना कोई वाद लंबित नहीं रहना चाहिए। अन्य वादों का भी निर्धारित समयसीमा में निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व अविनाश चंद्र मौर्य, एडीएम न्यायिक नीरज प्रसाद, सभी एसडीएम, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।