औरैया। समाजसेवी संस्था एक विचित्र पहल सेवा समिति के सदस्यों ने रविवार को यमुना तट पर सफाई अभियान चलाया। साथ ही गोष्ठी के दौरान समाजसेवियों ने नदी में गिरने वाले शहर के गंदे पानी को लेकर नाराजगी जताई। समाजसेवियों ने जिला प्रशासन से नदी के प्रदूषित हो रहे पानी को स्वच्छ बनाने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगवाए जाने की मांग की।
रविवार सुबह सात बजे समाजसेवी यमुना तट पर पहुंचे। समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता ने बताया कि तट पर सफाई अभियान की शुरुआत आठ फरवरी 2015 में हुई थी। सात वर्षों से यह अभियान लगातार जारी है। अब तक चलाए गए 124 चरणों में 43 टन कचरा नदी में जाने से रोका गया है। रविवार को दो घंटे चलाए गए सफाई अभियान के दौरान दो क्विंतल कचरा एकत्रित किया गया। जिसे नष्ट किया गया। बैठक में यमुना तट पर व्याप्त जनसमस्याओं पर बिंदुवार विचार विमर्श किया गया। संस्थापक ने बताया कि शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के कई गंदे नाले यमुना नदी में अनवरत गिर रहे हैं। जिससे नदी का पानी लगातार काफी प्रदूषित हो रहा है। श्रद्धालुओं की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं।
उन्होंने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की मांग की है। सभासद छैया त्रिपाठी ने बताया कि यमुना तट पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं के लिए कोई सुरक्षित स्थान नहीं है। समिति के संस्थापक ने करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र यमुना नदी की धार्मिक आस्था के चलते उसको स्वच्छ व निर्मल बनाने के लिए अपील की है। इस मौके पर तेज बहादुर वर्मा, शेखर गुप्ता, जूनियर शाखा अनमोल के अध्यक्ष शिक्षक शिवम गुप्ता, दीपक सोनी, अजय पोरवाल, अर्पित गुप्ता, हर्ष गुप्ता, रज्जन बाल्मीकि आदि रहे।