औरैया। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर सर्विस रोड बनवाए जाने की मांग के लिए अस्ता व नौरी गांव के लोग धरने पर बैठ गए। ग्रामीण अपर मुख्य सचिव से बात करने की मांग कर रहे थे। मगर अफसरों ने उन्हें मिलने नहीं दिया। इधर निरीक्षण व बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव हैलीपैड की तरफ रवाना हो गए। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश दिखा।
बारिश के दिनों में यमुना नदी के चढ़ते पर पानी का प्रकोप झेलने वाले अस्ता, नौरी गांव के ग्रामीणों को अब शासन की प्राथमिकता वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से होने वाली दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि एक्सप्रेसवे बनने के बाद उन्हें अपने खेतों पर जाने के लिए एक तरफ से दूसरी तरफ के लिए 15 से 20 किलोमीटर का सफर तय करना होगा। जिससे उनको बहुत परेशानी होगी। समस्या को देखते हुए दोनों गांवों के ग्रामीणों ने महिलाओं व बच्चों के साथ सर्विस रोड व अंडरब्रिज बनवाने की मांग की। तख्तियां लेकर कार्यस्थल के पास जाकर बैठ गए।
इस बीच सीडीओ अनिल कुमार सिंह उन्हें समझाने पहुंचे। सीडीओ ने ग्रामीणों से उनका एक मांग पत्र भी लिया जो अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इधर ग्रामीण अपर मुख्य सचिव से मिलने पर अड़े रहे। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस के सख्त व्यवहार के चलते ग्रामीण अपर मुख्य सचिव तक नहीं पहुंच सके। जिससे उनमें खास आक्रोश दिखा। इस मौके पर भाजपा मंडल उपाध्यक्ष संजय राठौर, सेक्टर पिछड़ा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष जयवीर निषाद, संयोजक मनीष राजपूत, मंडल उपाध्यक्ष सुमन नायक, बूथ अध्यक्ष रामकेश निषाद, मंडल अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह पाल, सेक्टर संयोजक प्रकाश निषाद आदि रहे।
वहीं 70 वर्षीय वृद्धा पान कुंवर ने अफसरों से कहा, जमुना मां पानी बढ़त है तो गांव बूढ़ जात है, कोई अधिकारी नई सुनत। बड़ी उम्मीद लेकर अपर मुख्य सचिव गृह को समस्या बताने पहुंचीं थीं। मगर नहीं मिल सके।