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ऑन लाइन ठगी करने वाले चार साइबर ठगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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औरैया में पुलिस की गिरफ्त में पकड़े गए साइबर ठग। - फोटो : AURAIYA
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औरैया। बिधूना कोतवाली पुलिस व सर्विलांस टीम ने आन लाइन ठगी करने वाले चार लोगों को दबोच लिया है। इनसे पुलिस ने एक कार, 13 मोबाइल व काफी संख्या में आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।
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सदर कोतवाली में एसपी सुनीति ने यह खुलासा किया। बताया कि ये लोग भोले भाले लोगों को फोन पर ओएलएक्स वेब साइट पर सामान बेचने की बात करके उनके खाते से अपने पेटीएम एकाउंट में रुपये डलवा लेते थे। पिछले दिनों कछपुरा निवासी विशाल कुमार पुत्र अजय कुमार ने एक बाइक बेचने के लिए ओएलएक्स पर डाली थी। इसे खरीदने के लिए इन लोगों ने विशाल को फोन किया और रेट कुछ कम करने को कहा। बातों के जाल में विशाल को फांस कर उसके खाते से अपने पेटीएम खाते में उल्टे 20 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। विशाल ने कोतवाली पुलिस में तहरीर देकर मामला दर्ज कराया। इसके बाद एक टीम तैयार की गई, जिसमें बिधूना कोतवाली इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति, क्राइम ब्रांच के एस आई कुलश्रेष्ठ चौधरी, निरीक्षक विनोद कुमार, एसआई जितेंद्र कुमार, कांस्टेबल धर्मेंद्र कुमार, हेड कांस्टेबल गोविंद अग्रवाल, कांस्टेबल गोपाल व दीपक, एसआई सुरजीत सिंह, कांस्टेबल लोकेंद्र व तेजवीर को शामिल किया गया। टीम ने 24 अगस्त की शाम नकेड़ी की पुलिया के पास शक होने पर कार सवार लोगों को रोक लिया। कोतवाली में पूछताछ के दौरान इन लोगों ने ऑन लाइन ठगी की बात स्वीकार की। सख्ती के साथ पूछताछ में उन्होंने विशाल के साथ की ठगी को स्वीकार किया। आरोपियों ने नाम हाजर पुत्र स्व. उमर खान , वारिस पुत्र कमरूद्दीन, साजिद पुत्र शिब्बू व छैलबिहारी पुत्र लाल चंद्र निवासी निवासी ग्राम देवसेरस थाना गोवर्धन जिला मथुरा बताया है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में हाजर मास्टर माइंड है। इसके अलावा उसके गैंग में 15 से 20 लोग शामिल हैं। एक कार बरामद की है। जिस पर लिखा नंबर जांच में फर्जी पाया गया है। पुलिस ने 13 मोबाइल तथा भारी मात्रा में आधार कार्ड बरामद किए हैं।
आरोपियों ने बताया कि उनकी प्रति माह की कम से कम 40 हजार रुपये की कमाई है। एसपी ने बताया कि आरोपी हाईस्कूल व इंटरमीडिएट तक पढ़े हुए हैं। उन्होंने आम लोगों से आन लाइन ठगी से बचने के लिए बचाव व सतर्कता ही एक उपाय बताया है। उन्होंने जिले के लोगों से आन लाइन खरीदारी करने या एटीएम बंद होने जैसे आने वाले अपरिचित लोगों के फोन पर अपने खाते व एटीएम कार्ड संबंधी जानकारी किसी भी हालत में शेयर न करें। क्योंकि यह जानकारी मिलते ही ठग आपके खाते में पड़ी पूरी धनराशि पार कर सकते हैं। ये आरोपी मथुरा मेें बैठकर पूरे देश में अज्ञात नंबरों पर बात करके लोगों को ठगी का शिकार बनाकर लाखों रुपये के वारे न्यारे कर रहे थे।
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आरोपी हाजर ने बताया कि उनके ग्रुप में एक लड़का त्रिवेंद्र शर्मा उर्फ हाकिम शर्मा है, जो ग्राम देवसेरस में ही सिम की दुकान खोले हुए है। जब कोई कम पढ़ा लिखा महिला या पुरुष उसकी दुकान पर सिम लेने आता है तो वो उसका आधार कार्ड लेकर दो बार अंगूठा लगवा लेता है। इसमें वह दो सिम जनरेट करता है। इसमें से एक सिम वह उस व्यक्ति को देता है। दूसरे सिम से पेटीएम बना लेता है। इसके बाद गांव में ऐसा काम करने वालों को तीन हजार से पांच हजार रुपये में उक्त सिम बेच देता है। सिम खरीदने वाला ठग उसी नंबर से लोगों को ठगी का शिकार बनाने का काम शुरू कर देता है। उन्होंने बताया कि इन ऑन लाइन ठगी करने वालों का मुख्य क्षेत्र राजस्थान में भरतपुर व उसके आसपास के गांव हैं।
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