औरैया। उरई-झांसी मार्ग पर सफर करने वालों के लिए मुश्किलें अब यमुना पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण और बढ़ गई है। पहले जहां उन्हें जालौन तक जाने के लिए प्राइवेट बसें मिल भी जाती है, जो अब बंद हो गईं है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे होकर जाने वाली रोडवेज बसों से अधिक समय लगता है। ऑटो चालक मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं।
उरई-झांसी मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों की संख्या कम नहीं हैं। हर रोज सुबह आठ से लेकर दोपहर दो बजे तक इस मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों की भीड़ रोडवेज बस अड्डा के बाहर, खानपुर चौराहा, जालौन चौराहा पर देखने को मिलती है। पहले जहां यात्रियों को समय से बसें न मिलने के कारण परेशानी होती थी। तो वहीं प्राइवेट बसें कुछ राहत देती थी, लेकिन यमुना नदी पुल के बंद होने से प्राइवेट बसों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। रोडवेज की बसें बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे होते हुए आवागमन कर रही है, इनसे समय अधिक लग रहा है।
इधर औरैया डिपो से एक मात्र बस सुबह आठ बजे उरई जाती है। इसके बाद कोई बस इस मार्ग पर नहीं हैं। अन्य डिपो की बसें दोपहर दो बजे के बाद आना शुरू होती है, लेकिन उनका भी समय निर्धारित न होने के कारण यात्री परेशान होते थे और आज भी हो रहे है। प्राइवेट बसों के बंद होने से ऑटो चालकों की मनमर्जी हावी हो गई है। खटारा ऑटो चालक भी क्षमता से अधिक सवारियां लेकर इस मार्ग पर फर्राटा भरने लगे है, जो सवारियों से मनमाना किराया वसूल रहे है। तीन सीट वाले ऑटो 10 से 15 सवारियां बैठा रहे हैं। मजबूरन यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर होते है। तो वहीं किराए को लेकर झगड़े भी देखे जा रहे है।
वर्जन
जल्द ही इस मार्ग पर ट्रायल कराया जाएगा। यदि राजस्व सही प्राप्त हुआ तो बस सेवा शुरू कराई जाएगी।
- अपर्णा मीनाक्षी, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, औरैया