औरैया। मार्केटिंग इंस्पेक्टरों की प्रदेश व्यापी हड़ताल से जिले में धान खरीद प्रभावित हो रही है। खाद्य विभाग के सात खरीद केंद्र बंद पड़े हैं। केंद्र पर धान बेचने के लिए किसानों के धान के ढेर लगे हैं। मजबूरन रात-दिन किसान इनकी रखवाली करने को विवश हैं। सरकारी खरीद केंद्रों का हाल देख किसान मजबूरन मंडी में आढ़तियों को औने-पौने दामों में धान बेचने को विवश हैं।
मार्केटिंग इंसपेक्टर 14 दिसंबर से अपनी मांगों को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसका सीधा असर धान खरीद पर पड़ रहा है। खाद्य विभाग के खरीद केंद्रों पर कई किसानों का धान खुले में पड़ा है। मौसम खराब होने से किसान परेशान दिख रहे हैं। शहर की गल्ला मंडी में नैफेड और किसान फार्मर एजेंसी के केंद्र संचालित हो रहे हैं। मंगलवार की सुबह नैफेड का केंद्र बंद मिला। खाद्य विभाग के खरीद केंद्र पर सन्नाटा पसरा मिला। यहां पल्लेदार अलाव तापते दिखे। जिससे मजबूरी में किसान गल्ला आढ़तियों के यहां अपना धान बेचने को विवश हैं। लगातार चार दिन से केंद्र बंद होने से पल्लेदारों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
54 फीसदी हो सकी धान खरीद
औरैया। जिले में एक नवंबर से धान खरीद चल रही है। जिसमें 40 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष अभी तक 21 हजार 675 मीट्रिक टन धान खरीद हो चुकी है। जिले में 42 धान खरीद केंद्र खोले गए हैं। जिसमें मार्केटिंग इंसपेक्टरों की हड़ताल के चलते सात खरीद केंद्र बंद पड़े हैं।
इनसेट
मार्केटिंग इंस्पेक्टरों की हड़ताल एक-दो दिन में समाप्त होने की संभावना है। यूनियन व प्रदेश के उच्चाधिकारियों से इस संबंध में वार्ता चल रही है। 10 जनवरी तक धान खरीद का लक्ष्य पूरा होने की संभावना है। नैफेड का धान खरीद का लक्ष्य लगभग पूरा हो चुका है। किसानों द्वारा क्रय किए गए धान के भुगतान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
सुंधाशू शेखर चौबे
डिप्टी आरएमओ