- परिषदीय स्कूलों में नहीं सुधर रही ऑनलाइन हाजिरी की स्थिति
लगातार थमाए जा रहे नोटिस, वेतन भी रोका जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। परिषदीय स्कूलों में बच्चाें की ऑनलाइन उपस्थिति की स्थिति में सुधार होता दिख नहीं रहा। तमाम निर्देश, कार्रवाई के बाद भी ऑनलाइन उपस्थिति का प्रतिशत काफी कम है। शिक्षक संगठन लगातार इस आदेश का विरोध कर रहे हैं, यही कारण है कि वे इसमें रुचि नहीं दिखा रहे। शिक्षकों का कहना है कि वे इसमें उलझे रहेंगे तो पढ़ाएंगे कब।
जिले में 1265 परिषदीय स्कूल हैं। इन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को छात्रों की ऑनलाइन हाजिरी लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, पर स्थिति बहुत खराब है। जिले के 35 प्रतिशत स्कूल ही ऑनलाइन हाजिरी भेज रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से लगातार इसको लेकर नोटिस दिए जा रहे हैं, पर इनका असर हो नहीं रहा।
पिछले माह 25 स्कूलों द्वारा ऑनलाइन हाजिरी न भेजने पर नोटिस दिए गए थे तो इनके प्रधानाध्यापकों का अक्तूबर माह का वेतन भी रोका गया था। हाजिरी ऑनलाइन न देने वाले स्कूलों में सींगनपुर, परवाहा, उजीतीपुर, खानपुर फफूंद, बिलराई, मुशीपुर, तर्रई, फक्कड़पुर, आजादपुर, बिरिया फफूंद, रानीपुर, चिरुहुलिया के स्कूल थे। इसके अलावा परघईपुर, पुर्वा समाधान, हीरा का पुर्वा, लखनापुर, शाहआलमपुर, कन्हई का पुर्वा, पीतांबरपुर, टीकमपुर, कंजरी, कैंझरी व दिबियापुर के विद्यालय भी ऑनलाइन हाजिरी नहीं दे रहे थे।
इधर, शिक्षक संगठन लगातार इस आदेश का विरोध कर इसे शिक्षक विरोधी बता रहे हैं। कुल मिलाकर पूरी ताकत झोंकने के बाद भी अधिकारी आदेश को लागू करा नहीं पा रहे हैं।
एक जुलाई से लागू हुआ था आदेश
बच्चों की ऑनलाइन हाजिरी लगाने का आदेश इसी वर्ष जुलाई महीने में आया था। शिक्षकों ने तब से ही इसका विरोध शुरू कर दिया था। अक्तूबर माह में फिर एक आदेश आया, जिसमें यह अनिवार्य रूप से कराने को कहा गया। इसके बाद ही ऑनलाइन हाजिरी न देने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई शुरू की गई।
वर्जन
35 प्रतिशत स्कूलों से ही बच्चों की ऑनलाइन हाजिरी दी जा रही है। लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। वेतन रोकने की कार्रवाई भी कर रहे हैं। स्थिति में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है।
- संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी