औरैया। बिधूना विधायक विनय शाक्य ने गुरुवार को भाजपा प्रदेश संगठन को अपना इस्तीफा भेज दिया। त्यागपत्र में विधायक ने योगी सरकार पर दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यक समुदाय के नेताओं व जनप्रतिनिधियों को तवज्जो न देने का आरोप लगाया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को भेजे त्यागपत्र में विधायक ने पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को शोषित, पीड़ित वर्ग की आवाज उठाने वाले नेता बताते हुए उनके साथ जाने की बात कही है। विधायक ने कहा कि पूरे पांच साल प्रदेश
सरकार ने दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों और छोटे व्यापारियों की उपेक्षा की है। अल्प संख्यक, दलित व पिछड़ों का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधियों को भी तवज्जो नहीं दी गई है। सरकार के रवैए से आहत होकर वह भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उनके इस्तीफे के बाद बिधूना की राजनीति और गरमा गई है। अटकलें लगाई जा रही हैं कि शुक्रवार को वह सपा में शामिल होंगे।