कंचौसी (औरैया)। चिटकाईन पुरवा के पंचायत भवन में बंद मवेशियों को छुड़ाने पहुंचे प्रधान को देखकर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। किसान गोवंशों को आश्रय स्थल तक पहुंचाने की मांग पर अड़े रहे। बाद में प्रधान अपने साथियों के साथ बैरंग लौट गए।
फसलों की बर्बादी से परेशान चिटकाईन पुरवा के ग्रामीणों ने अन्ना पशुओं को सोमवार पंचायत घर में बंद कर दिया था। ग्रामीण प्रशासन से मवेशियों को गोशाला पहुंचाने और चारा-दाना का इंतजाम करने की मांग कर रहे थे। चार दिन बीत जाने के बाद भी किसी अधिकारी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
गुरुवार को ग्राम प्रधान हेतराम साथियों के साथ पंचायत घर पहुंचे और अन्ना पशुओं को छुड़ाने के लिए पंचायत घर के गेट का ताला तोड़ने लगे। यह देखकर नाराज किसानों ने प्रधान को लौटा दिया। किसानों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि पंचायत सचिव ब्रजेंद्र त्रिपाठी के कहने पर प्रधान ने ताला तोड़ने का प्रयास किया।
किसान विष्णु सिंह, गिरजेश कुमार, मोनू गौर, संजय सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि बीडीओ भाग्यनगर सतीश पांडेय ने पशुओं को उमरी गोशाला भेजने का आदेश दिया था, आज तक उन्हें गोशाला नहीं पहुंचाया गया। बीडीओ भाग्यनगर सतीश पांडेय ने बताया कि गुरुवार को सभी गोवंशों को कर्रई, उमरी गोशाला में भेजने का आदेश दिया गया है। मवेशियों को वहां पहुंचाया जा रहा है।