औरैया। जिले के दोनों संयुक्त जिला चिकित्सालय में प्रशासन ने रविवार को कोरोना वायरस की जांच के लिए किट उपलब्ध करा दी है। अब जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों में कोरोना वायरस है या नहीं, इसकी जांच की जा सकेगी।
कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग खासी सतर्कता बरत रहा है। इसको लेकर सभी स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मचारियों को बीमारी के कारण, लक्षण व बचाव की जानकारी दी गई है। चिकित्सकों को पूरी निगरानी और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण से कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव व रोकथाम के निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की पहचान करने के लिए प्रशासन से किट मांगी थी। रविवार को जिले के दोनों संयुक्त चिकित्सालय को जांच किट उपलब्ध करा दी गई है। 50 शय्या युक्त जिला चिकित्सालय के सीनियर फार्मासिस्ट सत्यपाल कटियार ने बताया कि किट मिलने की पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लाखन सिंह जरूरत पड़ने पर चिकित्सकों को किट मुहैया कराएंगे। हालांकि अभी तक जिले में कोरोना वायरस से संक्रमित एक भी मरीज नहीं मिला है। सिर्फ बाहर से आए सात मरीज है, जिनमें से दो की 28 दिन तक लगातार निगरानी करने के बाद कोरोना संक्रमण से सुरक्षित पाया गया है। एक व्यक्ति वापस चला गया है, चार की अभी भी निगरानी की जा रही है।
कोरोना वायरस: मोबाइल फोन पर किया जा रहा जागरूक
औरैया। चीन में तबाही मचाने वाले कोरोना वायरस को लेकर हड़कंप मचा है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सतर्क हैं। लोगों को हर स्तर पर जागरूक किया जा रहा है। मोबाइल फोने के कालर ट्यून पर कोरोना वायरस को लेकर जागरूक किया जा रहा है। जागरूकता कार्यक्रम के साथ ही कालर ट्यून अपने आप लोगों के मोबाइल फोन पर लग रहीं है।
शहर के मोहल्ला गुमटी निवासी आशीष वर्मा ने शनिवार को सुबह अपने भाई राजेश को फोन किया तो उन्हें कॉलर ट्यून की जगह कोरोना वायरस की जानकारी देते हुए रिकार्डिंग सुनाई दी। उन्होंने हड़बड़ाहट मेें कॉल यह सोचकर काट दी कि कहीं गलती से किसी स्वास्थ्य अधिकारी या किसी प्रशासनिक अधिकारी का नंबर तो डायल नहीं हो गया। मोबाइल फोन के स्क्रीन पर नंबर देखने के बाद संतुष्ट होने पर दोबारा बात की।
नारायनपुर निवासी संजीव गुप्ता ने बताया कि उनके मोबाइल फोन पर कालर ट्यून कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता करने वाली लग गई। आज जब उनके साथियों का फोन आया तो उन्हें बताया कि पहले खांसी की आवाज सुनकर वह चिंतित हुए, लेकिन आगे की रिकार्डिंग सुनकर बात की। वहीं, कालर ट्यून में कोरोना वायरस के साथ ही जागरूक रहने और उनसे बचाव की जानकारी भी एक मिनट की कालर ट्यून में दी जा रही है।