औरैया। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार को यमुना रोड स्थित बीबीएस स्मृति विद्यापीठ में हिंदी हैं हम विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें शिक्षकों और अतिथियों ने हिंदी के बढ़ते प्रभाव के बारे में छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। इस दौरान विद्यार्थियों ने कविताओं का पाठकर हिंदी को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। छात्रों ने कहा कि उन्हें हिंदी भाषी होने पर गर्व है। आज विश्व में हिंदी को सम्मान की नजरों से देखा जा रहा है और विदेशी भी इस भाषा को सीख रहे हैं।
गोष्ठी का शुभारंभ विद्यापीठ के प्रबंधक गौरव भूषण शर्मा ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि हिंदी किसी भी भाषा से कम नहीं हैं। हिंदी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता इसके विस्तार का उदाहरण है। इसका कारण यह है कि हिंदी हमारे देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है। ऐसे में एक हिंदुस्तानी को शुद्ध हिंदी तो आनी ही चाहिए और इसे गर्व के साथ बोलना भी चाहिए। प्रधानाचार्या रमनीक कौर ने कहा कि राष्ट्रभाषा किसी भी देश की पहचान और गौरव होती है। हिंदी हिंदुस्तान को बांधती है। किसी के प्रति अपना प्रेम और सम्मान प्रकट करना हो तो हिंदी भाषा सर्वाधिक आत्मीय माध्यम है। हिंदी शब्दों को नहीं, भावनाओं के साथ संदेश को दूसरों तक पहुंचाती है। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि हम आम बोलचाल की भाषा में हिंदी का ही प्रयोग करें और इस पर गर्व करें।
शिक्षिका कीर्ति चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान में अंग्रेजी बोलने वालों के बीच हिंदी भाषी लोगों को कमतर आंका जाता है। हमें अंग्रेजी या अन्य भाषाओं का गुलाम नहीं होना चाहिए। अन्य भाषाओं को सीखना अच्छी बात है, लेकिन हिंदी को भूलना या कमतर समझना मातृभाषा और संस्कृति का अपमान होगा। सभी को बेझिझक हिंदी बोलने की जरूरत है।
छात्रा संयोनी अग्रवाल ने बताया कि हिंदी के प्रति भी लोगों को जागरूक होना होगा। अपनी भाषा पर सभी को गर्व करना चाहिए।
छात्रा तान्या अवस्थी ने बताया कि हिंदी के प्रति जागरुकता की पहल सराहनीय है। हिंदी भाषा शब्दों के साथ-साथ लोगों को जोड़ती है।
छात्र राजवर्धन सिंह ने कहा कि हिंदी के प्रति छात्रों का रुझान बढ़ाने में अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे शिक्षक प्रभंजन सिंह ने कहा कि हिंदी भाषा देशवासियों को दुनिया भर में सम्मान दिला रही है। हम हिंदुस्तान में रहते हुए इसे भूल रहे हैं। हिंदी का प्रयोग बढ़ाकर हम इसे पुराना गौरव और सम्मान दे सकते हैं।
फोटो 24एयूआरपी13- कार्यक्रम के दौरान मौजूद स्कूली छात्र-छात्राएं- फोटो : AURAIYA
फोटो 24एयूआरपी14- संयोनी अग्रवाल- फोटो : AURAIYA
फोटो 24एयूआरपी15- तान्या अवस्थी- फोटो : AURAIYA
फोटो 24एयूआरपी16- राजवर्धन सिंह- फोटो : AURAIYA
फोटो 24एयूआरपी17- प्रभंजन सिंह- फोटो : AURAIYA