औरैया। भीषण गर्मी में लू के साथ हीट स्ट्रोक अपना असर दिखाने लगी है। अस्पतालों में काफी संख्या में लोग बीमार होकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने लू लगने के लक्षण को नजर अंदाज न करने की सलाह दी है। साथ ही अस्पताल पहुंच कर समय से इलाज कराने की बात कह रहे हैं।
शहर के 100 शैया युक्त जिला चिकित्सालय के साथ सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मौसमी बीमारी के साथ लू और हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ने लगे है। सोमवार को 100 शैया अस्पताल की ओपीडी में 350 से अधिक व 50 शैया अस्पताल में चार सौ से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे।
अधिकतर मरीज लू, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, उल्टी-दस्त समेत अन्य मौसमी बीमारियों के थे। मरीजों में बच्चे, महिलाएं, युवा व बुजुर्ग सभी शामिल रहें। इसके साथ ही सीएचसी व पीएसची में भी कई मरीज पहुंचे। अस्पताल आने वाले मरीजों को ओआरएस के साथ अन्य दवाइयां देकर बचाव की सलाह दी जा रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि गर्म, लाल व शुष्क त्वचा होना, पसीना अधिक आना, तेज पल्स होना, व्यवहार में परिवर्तन, भ्रम की स्थिति, सिरदर्द, जी मिचलाना, थकान, कमजोरी होना, चक्कर आना, पेशाब न होना अथवा कम होना हीट स्ट्रोक के लक्षण है। बचाव के लिए दोपहर 12 से तीन बजे के बीच घर से बाहर जाने से बचें, तापमान अधिक होने पर बाहर न घूमें व बासी और संक्रमित खाद्य एवं पेय पदार्थों का सेवन करने न करें।
होम्योपैथी में आ रहे 50 से 60 मरीज रोज
डॉ. परवीन गुप्ता ने बताया कि होम्योपैथिक विभाग में प्रतिदिन 50 से 60 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। इसमें हीट स्ट्रोक, लू व पानी की कमी के मरीज अधिक हैं। साथ ही शरीर में लाल चकत्ते, पाइल्स व मुंह में छाले की समस्या के मरीज भी आ रहे हैं। मरीजों को ग्लूनैन 30, एनरजॉल, बच्चों को ऐकोनॉट समेत अन्य दवा दी जा रही है। सभी मरीजों को पानी का सेवन अधिक करने, नीबू पानी, खरबूज, गन्ने का जूस समेत अन्य तरल पदार्थ जिससे शरीर में पानी की कमी न हो उसका सेवन करने की सलाह दी जा रही है।
ऐसे बरतें सावधानी
1. भरपूर मात्रा में पानी पीएं, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो।
2. पसीना शोषित करने वाले हल्के वस्त्र पहनें।
3. धूप में चश्मा, टोपी, चप्पल और जूते पहनें।
4. शरीर को कपड़ों से ढक कर रखें व छाते का प्रयोग करें।
5. लू प्रभावित व्यक्ति को लेटाकर सूती गीले कपड़े से शरीर पोंछें।
6. ओआरएस, घर में बने पेय पदार्थ लस्सी, छाछ आदि का सेवन करें।
7. हीट स्ट्रोक लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
8. इस मौसम में गर्भवती महिला और रोगियों का विशेष ध्यान रखें।