औरैया। शहर के एक होटल में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के सहयोग से कुष्ठ रोग बीमारियों से संबंधित कार्यशाला हुई। जिसमें संगठन के सदस्यों ने बीमारियों के लक्षण, बचाव के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान मौजूद चिकित्सकों को बताया गया कि वह मरीजों को कुछ समय देकर उनकी बात को सुने। इसके बाद ही उपचार शुरू करें।
कार्यशाला के दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से आए प्रशिक्षक डॉ. तनुज ने बीमारी के सभी पक्षों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने चिकित्सकों, फिजियोथेरपिस्ट, एनएमएम, एनएसएस को प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही बताया कि मरीजों की तलाश के लिए आशा की मदद लें। पूरे साल तीन-तीन महीने में सर्वे कराए। स्वास्थ्य विभाग की योजना का लाभ मरीजों और मरीजों को लाने वाले कर्मी को दें। कहा कुष्ठ रोग के संपूर्ण उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग सजग है। विभाग की ओर से कुष्ठ रोग को जड़ से समाप्त करने के संकल्प के तहत अब कुष्ठ मरीजों की पहचान की जा रही है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने कहा कि मरीजों को पूरी तरह डोज लेने के लिए प्रेरित करें। बताया कि चिकित्सक व उनकी टीमें ध्यान रखें कि यदि कोई मरीज मिलता है तो उसके परिजन और उसके क्षेत्र में आसपास के लोगों की जांच जरूर करें। जिससे बीमारी पर पूरी तरह से नियंत्रण किया जा सके। बताया कि बीमारी कोई भी हमें बीमारियों को समाप्त करना है। कार्यशाला में डॉ. नित्यानंद, डा. राहुल ने भी प्रशिक्षण दिया। कहा जागरूक रहने की जरूरत है। इस दौरान डॉ. विशाल अग्निहोत्री, डॉ. अनूप विश्नोई आदि रहे।