औरैया। गांव-गांव पहुंच रहीं स्वास्थ्य टीमें बुखार और डेंगू के नियंत्रण में सफल होती नहीं दिख रहीं हैं। सोमवार को जिले में चार वर्षीय बालिका समेत दो डेंगू के मरीज और मिले। इससे पहले पांच गांवों में मरीज मिल चुके हैं। संक्रमण से बचाव के लिए विभागीय अधिकारियों ने छह गांवों में टीमें भेजी। टीम ने घर-घर जाकर देखा तो पांच घरों में जमे कबाड़ में बरसात के भरे पानी में लार्वा पाया। जिसकी सफाई कराकर लोगों को जागरूक किया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया रिम्स सैफई लैब से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अजीतमल के अटसू में चार वर्षीय बालिका और ऐरवाकटरा ब्लॉक के नगला हरिया बरौना कलान में 32 वर्षीय महिला डेंगू संक्रमित मिली है। बताया कि दोनों डेंगू संक्रमित मरीजों का उपचार सैफई लैब में चल रहा है। जिनकी सैंपलिंग तीन अक्तूबर को दी गई थी और रिपोर्ट चार अक्तूबर को प्राप्त हुई है। बताया सोमवार को डेंगू संक्रमित मरीजों के क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें रवाना की गई। टीमों ने संक्रमित मरीज के परिजनों के अलावा बीमारियों से ग्रस्त ग्रामीणों का उपचार किया और उन्हें दवाएं वितरित कीं।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने बताया सोमवार को कस्बा जाना, बरवटपुर, कैथोली, खरका, बसंतपुर, अटसू समेत छह गांवों में स्वास्थ्य टीमें पहुंची। जहां 300 से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवाएं दीं। बताया कि इन गांवों में टीम ने लोगों को बीमारियों और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया है। बीमारियों से बचाव के उपाय भी बताए गए। बताया कि टीमों ने जागरुकता अभियान के दौरान पांच घरों में छतों पर रखे पुराने बर्तनों, टायरों व कनस्तरों में बरसात का पानी भरा पाया। जिसमें लार्वा देख टीमों ने मौके पर रहकर सफाई कराई। निर्देशित किया कि यदि दोबारा पानी में लार्वा मिला तो उनसे जुर्माना वसूल किया जाएगा।
वहीं दो दिनों बाद सोमवार को सरकारी अस्पतालों में भीड़ देखने को मिली। सोमवार को 50 शय्या अस्पताल में मरीजों की भीड़ चिकित्सकों के कमरों के बाहर चिकित्सकों के आने से पहले से ही रही। पर्ची काउंटर पर कर्मचारी ने बताया कि अस्पताल में 600 से अधिक मरीजों ने उपचार कराया है। जिसमें चार मरीजों को वार्ड में भर्ती कराया गया। जिन्हें दोपहर बाद आराम मिलने पर घर भेजा गया।