फफूंद/अछल्दा (औरैया)। बुखार से फफूंद में युवक व अछल्दा में एक महिला की मौत हो गई। रविवार को सैंपलों की आई रिपोर्ट में एक और डेंगू का मरीज मिला है। इससे जिले में अब कुल डेंगू मरीजों की संख्या 26 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें डेंगू प्रभावित पांचों गांवों में डेरा जमाए हैं। रविवार को इन गांवों में 300 से अधिक मरीजों का परीक्षण किया गया। डेंगू लक्षण वाले 35 मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
फफूंद क्षेत्र के कंचनपुरवा निवासी बृजेश कुमार के पुत्र शिवम उर्फ सोनू (25) को शुक्रवार की शाम बुखार आया था। बुखार आने पर क्षेत्रीय चिकित्सक से दवा ली। इससे उसे आराम मिल गया था, लेकिन शनिवार शाम फिर तेज बुखार आया तो परिजन पास के एक डॉक्टर के पास ले गए। वहां उपचार के बाद भी उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन शिवम को कानपुर ले जा रहे थे, लेकिन अकबरपुर पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। पिता ने बताया कि सोनू प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। कोचिंग के लिए गुरुवार को कानपुर गया था। वहां कमरे की व्यवस्था करके लौट आया था। इसके बाद उसे बुखार आया। कुछ समझ पाते इससे पहले ही उसकी मृत्यु हो गई।
अछल्दा के नगला जमुना निवासी विनय कुमार सिंह की पत्नी राधा देवी (28) को 15 दिन से बुखार आ रहा था। उन्हें अछल्दा और भरथना के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने के बाद आगरा में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान शनिवार रात मौत हो गई। मृतका के परिजन महिला की डेंगू से मौत होने की बात कह रहे हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने ऐसी किसी जानकारी से मना किया है। अछल्दा ब्लॉक चौराहे पर लगभग छह लोग डेंगू जैसे लक्षणों से पीड़ित होने के चलते निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। इनके परिजनों ने सीएमओ से कस्बे में दवा का छिड़काव कराने की मांग की है।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि रिम्स सैफई भेजे गए सैंपलों की रिपोर्ट रविवार दोपहर मिली है। इसमें 38 वर्षीय ऐरवाकुईली निवासी युवक को डेंगू की पुष्टि हुई है। उसका सैफई अस्पताल में इलाज चल रहा है। डेंगू संक्रमित मरीज के परिजनों के अलावा गांव में लक्षण मिलने वालों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। बताया कि रविवार को कंचनपुरवा, ऐरवाकुईली समेत पांच गांवों में टीमें भेजी गईं थीं। टीमों ने 300 से अधिक मरीजों की जांचकर उन्हें दवाएं दीं। डेंगू के लक्षण वाले 35 मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। गांव पहुंची टीमों ने घर-घर जाकर लार्वा की जांच की। कूलरों व गमलों में भरे कई दिन पुराने पानी में लार्वा मिलने पर उन्हें साफ कराया। साथ ही निर्देशित किया कि दोबारा पानी में लार्वा मिला तो कार्रवाई की जाएगी।