औरैया। वायरल फीवर से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिसके लिए स्वास्थ्य टीमें गांव-गांव जाकर दस्तक भी दे रहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरुक कर रहा है कि बिना चिकित्सक के दवाओं का सेवन न करें। जो शरीर के लिए घातक हो सकती हैं। चिकित्सकों का कहना है बिना चिकित्सक की सलाह के विशेष रुप से डेंगू के मामले में शरीर दर्द से बचने के लिए दर्द निवारक दवाओं का सेवन न करें। इससे फ्लेटलेट्स कम होने और किडनी पर खतरे की संभावना अधिक होती है।
कोरोना संक्रमण फैलने के समय से ही स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को जागरुक कर रहा है कि सफाई और सावधानी बरतें। यही उन्हें बीमारियों से बचा सकती है और बीमार होने पर बिना चिकित्सक की सलाह के दवा का सेवन कतई न करें। चिकित्सक डॉ. विशाल अग्निहोत्री ने बताया डेंगू के मरीज को बुखार के साथ शरीर में दर्द की शिकायत रहती है। तेज दर्द के चलते लोग दर्द निवारक दवाओं का सेवन बिना चिकित्सक के सलाह के कर रहे है। बताया मरीज ऐसा न करें। मलेरिया की दवा भी डेंगू में निष्प्रभावी होती है। ऐसे में मरीज चिकित्सक की सलाह के बाद ही दवाओं का सेवन करें। कई प्रकार की बुखार और दर्द की मिश्रित दवा का सेवन भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। जांच की रिपोर्ट आने तक पैरासिटामाल का सेवन किया जा सकता है।
डेंगू से बचाव के सुझाव
डेंगू की पुष्टि होने पर स्वास्थ्य अधिकारी को सूचना दें। ताकि प्रभावित क्षेत्र में कीट नाशक छिड़काव किया जा सके, कूलर, बाल्टी, फ्लावर पॉट, फ्रिज, घड़े का पानी नियमित बदलें। जिससे उसमें मच्छर अंडे न दे सकें, घर के पास जहां पानी इकट्ठा होता है वहां मिट्टी के तेल की कुछ बूंदे या फिर मोबिल ऑयल डाल दें, बुखार होने पर पास के स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। निजी लैब की जांच रिपोर्ट की सूचना दें।