फफूंद (औरैया)। क्षेत्र के खोयला गांव में वायरल फीवर और डेंगू मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। घर-घर में मरीज कराह रहे हैं। बीमार लोगों में बच्चों की संख्या अधिक है और लगातार बढ़ रही है। ग्रामीणों की मानें तो गांव में फैली गंदगी और स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही से बीमारी तेजी से फैल रही है। डेंगू मरीजों का उपचार निजी अस्पतालों में चल रहा है। इलाज न मिल पाने से ग्रामीणों में आक्रोश पनपने लगा है।
खोयला गांव की आबादी 3500 से अधिक है। इस समय गांव में 100 से अधिक लोग वायरल फीवर की चपेट में हैं। इलाज के अभाव में लोग चारपाई पर पड़े हैं। गांव में बीमार लोगों की संख्या 15 दिनों से लगातार बढ़ रही है। घर-घर में बीमाराें में बच्चे ज्यादा हैं। ग्राम प्रधान की मानें तो उन्होंने 10 से अधिक लोगों को कानपुर के व अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया है। जिनमें डेंगू पाया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग चार लोगों के डेंगू संक्रमित होने की पुष्टि कर चुका है।
बुखार से पीड़ित गांव की संगीता, शीला, विनीता, आशा देवी, ललिता व अंशु, श्रृष्टि का कानपुर, अकबरपुर, औरैया, इटावा के अस्पतालों में भर्ती हैं। जिनकी प्लेटलेट्स बहुत कम है। वहीं गांव के मोहल्ला कठेरियन के हालत काफी खराब है। यहां हर घर में बीमार हैं। मोहल्ले के किशन स्वरूप, घसीटी, विवेक, गुलाब देवी, सनी, दीक्षा, गीता, अमन वर्मा, किशना, सलोनी आदि लोग बुखार से तपते नजर आए। इन लोगों के परिजनों का कहना है कि गांव में बीमारी फैली होने की सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग चुप्पी साधे है। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है।
दो गोली देकर मरीजों को भूल गईं टीम
ग्रामीणों की मानें तो गांव में बीमारी लगभग 20 दिन से फैली है। बीमार गुड्डन दीक्षित, जयमोहन दीक्षित, सोनू, कुसुमा देवी, ह्रदयश्री, राजू, आशा देवी, पप्पू, अरुण कुमार, मनोज, गुड्डू, अनिल कुमार ने बताया कि गांव में बीमार लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। लगभग 15 दिन पहले विभाग की टीम आई थी। जो मरीजों को दो-दो लाल-पीली गोलियां देकर चली गई। लेकिन इसके बाद गांव में टीम ने रुख नहीं किया है। लगातार मरीज बढ़ रहे हैं।
ग्राम प्रधान रेखा देवी ने बताया कि गांव में डेंगू व बुखार से लोग पीड़ित है। जिनमें से कुछ का कानपुर के मरियमपुर में इलाज करा रहे हैं। जिले के अधिकारियों की लापरवाही से हालात गांव में खराब हो रही हैं। गांव में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी नहीं कराया गया है।
गंदगी से पनप रहे मच्छर
गांव में जगह-जगह गोबर के ढेर हैं। नालियां भी चोक हैं। जिनसे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। गांव के लोगों को लगातार सफाई बरतने की हिदायत दी जा रही है। इसके बाद भी सफाई पर लोग ध्यान नहीं दे रहे हैं। यहीं कारण है कि मच्छरों का प्रकोप बढ़ा और लोग बीमार हो रहे हैं।
वर्जन
गांव में मरीजों की जांच व सैंपल लिए गए थे। जिसमें चार डेंगू संक्रमित मिलने के बाद टीम ने गांव में मरीजों का उपचार किया था। जांच कराते हैं। यदि गांव में मरीज बढ़े हैं तो दोबारा टीम भेजकर सभी का उपचार कराया जाएगा। व्यवस्थाएं बेहतर हैं, सभी मरीजों को उपचार मिलेगा। - डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, मुख्य चिकित्साधिकारी