औरैया। गल्ला व्यापारियों ने शुक्रवार को मंडी शुल्क के विरोध में हड़ताल कर दी। विरोध प्रदर्शन करके जमकर नारेबाजी की गई। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मंडी सचिव को सौंपा। गल्ला मंडी में हड़ताल के चलते किसानों को बैरंग लौटना पड़ा।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (मिश्रा गुट) व गल्ला व्यापार मंडल के आह्वान पर गल्ला व्यापारियों ने मंडी शुल्क के खिलाफ आंदोलन को और धार दी। शुक्रवार को व्यापारियों की हड़ताल के कारण कुछ काम नहीं हुआ। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई बबलू व गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष शिवकांत पाठक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में व्यापारी मंडी सचिव कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए।
जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन किसान बिल वापस ले लिए। बिल वापसी के बाद प्रदेश सरकार ने पुन: मंडी शुल्क लगा दिया है। जबकि देश के कई प्रांतों में मंडी शुल्क नहीं लगाया गया है। इसलिए व्यापारियों के हित में इसे अविलंब वापस लिया जाए। गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारी सबसे अधिक राजस्व सरकार को देता है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उनकी अनदेखी की जा रही है। मंडी शुल्क को प्रदेश सरकार को वापस लेना चाहिए।
नगर अध्यक्ष अमर विश्नोई ने कहा कि यदि सरकार ने मंडी शुल्क वापस न लिया तो व्यापार मंडल इसके खिलाफ निर्णायक संघर्ष शुरू करेगा। मंडी सचिव अरुण कुमार गुप्ता को व्यापारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें मंडी शुल्क को वापस लेने की मांग की गई।