फफूंद (औरैया)। क्षेत्र के कोठीपुर रजबहे में डेढ़ माह से पानी न आने से करीब 35 गांवों के किसान फसलों की सिंचाई के लिए परेशान हैं। कई बार शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों के ध्यान न देने से किसानों में रोष है।
कोठीपुर रजबहा को फफूंद रजबहा से पानी की आपूर्ति की जाती है। रजबहा में जैतपुर और महाराजपुर दो माइनर भी हैं लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण डेढ़ माह से रजबहे में पानी नहीं छोड़ा गया है। सिंचाई के अभाव में क्षेत्र के लगभग पैंतीस गांवों के किसानों की लगभग एक हजार एकड़ धान की फसल सूख रही है। किसान प्रति बीघा एक हजार रुपये में पानी खरीदकर सिंचाई कर रहे हैं।
आर्थिक बोझ सहना पड़ रहा
क्षेत्र के किसान कांशीराम राजपूत, राधारमण, आत्माराम, प्रमोद, सियाराम, पुरुषोत्तम, रामसिंह, नंद किशोर आदि ने बताया कि रजबहा में डेढ़ महीने से पानी नहीं है। धान की फ़सल बाली पर है। हर तीसरे दिन पानी लगाना पड़ रहा है। फसल बचाने के लिए आर्थिक बोझ सहना पड़ रहा है।
सिल्ट सफाई के नाम पर खेल
रजबहा संघ के अध्यक्ष गिरधर भक्त मिश्र ने सिंचाई विभाग पर सिल्ट सफाई के नाम पर खेल करने का आरोप लगाया है। कहा कि विभाग द्वारा रजबहों की सफाई कागजों में की गई। रजबहों में पानी आगे नहीं जा पा रहा है और किसान परेशान हैं।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता तृतीय दिनेश चंद्र ने बताया कि फफूंद और कोठीपुर रजबहा में एक साथ पानी चलने से फोर्स कम है। विभाग ने निर्णय लिया है कि दोनों रजबहों में रोस्टर के हिसाब से तीन-तीन दिन पानी छोड़ा जाएगा ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके।