बिधूना। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत गूरा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली सामने आई। सुबह 11 बजे तक अस्पताल में न डॉक्टर पहुंचे और न ही लैब टेक्नीशियन। इसके चलते इलाज और जांच की उम्मीद में पहुंचे मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं फार्मासिस्ट के सहारे चलती नजर आईं।
मौसमी बीमारियों और वायरल बुखार के प्रकोप के बीच आरोग्य मेले में इलाज कराने पहुंचे मरीज फार्मासिस्ट कुलदीप सिंह और वार्ड बॉय ब्रजेंद्र के भरोसे रहे। चिकित्सक का कक्ष खाली था। इस दौरान फार्मासिस्ट ही मरीजों को दवाएं वितरित करते नजर आए।
पीएचसी में लैब टेक्नीशियन के मौजूद न होने से जांच कराने पहुंचे मरीजों को भी निराशा हुई। जांच की सुविधा न मिलने के कारण कई मरीज बिना जांच कराए ही लौटने को मजबूर हुए। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में ही व्यवस्थाएं पटरी से उतरी नजर आईं। पूरे मामले पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने बताया कि लैब टेक्नीशियन को वैक्सीन लेने के लिए बिधूना बुलाया गया था, इसलिए उन्हें पहुंचने में देरी हुई। वहीं, सुबह 11 बजे तक डॉक्टर के न पहुंचने के मामले में उन्होंने जांच कराने और स्पष्टीकरण मांगने की बात कही है।