अयाना (औरैया)। बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की परेशानी कम होती नजर नहीं आ रही हैं। गांवों में बच्चे और बुजुर्ग वायरल बुखार और खासी से ग्रसित हैं। कई गांवों में हैंडपंपों से दूषित पानी आ रहा है। स्वास्थ्य टीमें रोगियों की जांच कर दवाइयां दे रही हैं।
यमुना में आई बाढ़ से औरैया और अजीतमल तहसील के 24 गांव प्रभावित हुए थे। इन गांवों में 10 दिन तक पानी भरा रहा। बहकर आई गंदगी और कीचड़ अब ग्रामीणों लिए सिरदर्द बन गया है। असेवा, बड़ी गूंज, जुहीखा, फरिहा, बीजलपुर, जगतपुर, नौरी, मई अस्ता, क्योटरा समेत कई गांवों में बच्चे और बुजुर्ग खांसी, दस्त और वायरल बुखार से ग्रसित हैं।
गांव में बीमारी फैले होने की जानकारी पर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य टीमें भेज दी हैं। मंगलवार को सीएचसी अयाना से डॉ. नागेंद्र, गोविंद, मुरारी शुक्ला, दिनेश टीम के साथ बड़ी गूंज पहुंचे। वहां मलेरिया, टाइफाइड की जांच के लिए सैंपल लिए हैं। डॉ. नागेंद्र ने बताया कि ग्रामीणों में खुजली, पैरों में जलन, शरीर में दर्द, खांसी, जुकाम, बुखार आदि बीमारियों की शिकायत है। काफी संख्या में लोग बीमार हैं। जिन्हें दवाइयां देकर सफाई रखने और खाने पीने में परहेज की हिदायत दी गई है।
दूषित पानी से बीजलपुर के लोग परेशान
बाढ़ प्रभावित गांव बीजलपुर में लगे सरकारी और निजी हैंडपंपों से दूषित पानी आ रहा है। इससे लोगों के सामने पीने के पानी का संकट है। गांव के जगराम, विजय करन ने बताया कि कृषि मंत्री ने लाखन सिंह से यह समस्या बताई गई थी। इसके साथ ही पशुओं के लिए चारा दिए जाने के लिए भूसे की मांग की गई थी। लेकिन अभी तक न भूसा मिला और न ही पानी की समस्या दूर की गई है।
गंदगी और बदबू से लोग परेशान
बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन सफाई और दवा छिड़काव का काम कर रहा है। इसके बाद भी कई क्षेत्रों में स्थिति जस की तस है। गूंज, फरिहा, अस्ता के कई इलाकों में गंदगी और बदबू से लोगों का बुरा हाल है। गांव के लोगों ने बताया कि तेज धूप निकलने से बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है।