एक जनवरी के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद
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औरैया। समाज कल्याण विभाग के वृद्धावस्था पेंशन में हुए 65 लाख की घोटाले की जांच ने फिर से तेजी पकड़ ली है। पूरे प्रकरण की जांच उप निदेशक समाज कल्याण अलीगढ़ द्वारा की जा रही है। पूर्व में की गई चार सदस्यीय टीम की सत्यापित रिपोर्ट मांगी गई है। वहीं अफसरों ने संकेत दिए हैं कि घोटाला करने वालों पर शासन से बड़ी कार्रवाई हो सकती है। इसको लेकर विभाग में हड़कंप मचा है।
जिला समाज कल्याण कार्यालय में वर्ष 2017 से 2021 तक वृद्धावस्था पेंशन के 558 लाभार्थियों के खाते बदलकर 65 लाख 82 हजार 700 रुपये का घोटाला किया गया था। दिसंबर 2021 में जब इस मामले की भनक अधिकारियों को लगी तो अभिलेख खंगाले जाने लगे। मामले में तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल, भगवान सिंह, विनीत कुमार, आवेश कुमार के साथ कार्यालय के लिपिक अभिनव, अलकेश सिंह और श्रीराम को दोषी पाया गया था।
पूरे मामले की जांच सीडीओ अनिल कुमार सिंह व कोषाधिकारी समेत चार सदस्यीय टीम ने की। इसमें पाया गया कि लाभार्थियों के खाते बदले गए। जांच में दोषी पाए जाने के बाद श्रीराम और अलकेश सिंह के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। वहीं निदेशक समाज कल्याण ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी। हाल ही में शासन ने मामले की जांच उप निदेशक समाज कल्याण अलीगढ़ मंडल को सौंपी है।
जांच अधिकारी ने विभाग से घोटाले से जुड़े प्रपत्र मांगे थे। जिसमें कुछ अभिलेख अधूरे उपलब्ध कराए गए। इसको लेकर जांच अधिकारी ने एक बार फिर से जिला समाज कल्याण अधिकारी को पत्र भेजकर बताया कि उन्हें बिना हस्ताक्षर के अभिलेख उपलब्ध कराए गए थे। इसके साथ ही खातेधारकों की जो सूची उपलब्ध कराई गई है वह भी सत्यापित नहीं है। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी को जांच अधिकारी द्वारा मांगे अभिलेख सत्यापित प्रति के साथ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दो अफसरों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के हो चुके आदेश
समाज कल्याण घोटाले की जांच में छह मई 2022 को विशेष सचिव रजनीश चंद्र ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा था। जिसमें घोटाले के दोषी तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी श्रीभगवान सिंह व शंकर लाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभी तक मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। इधर दोबारा से की जा रही पड़ताल के बाद अब बड़ी कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं। जिसको लेकर विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मचा है।