दो पहिया वाहन के ट्रैक पर जमा काई। संवाद
औरैया। उपसंभागीय परिवहन कार्यालय परिसर में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए वाहन चलाने का परीक्षण ट्रैक पर टेस्ट किया जाना अनिवार्य है लेकिन यहां बना ट्रैक लंबे समय से बदहाली का शिकार नजर आ रहा है। इससे साफ है कि यहां लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों से ट्रैक पर वाहन चलाकर नहीं देखा जाता। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सामने आया कि कार के ट्रैक पर टायरों के निशान तक दिखाई नहीं देते जबकि मोटरसाइकिल ट्रैक पर जगह-जगह काई जमा है। बिना ड्राइविंग टेस्ट की ही लाइसेंस देना खतरनाक है।
गुरुवार दोपहर करीब एक बजे कार्यालय परिसर में कई बाहरी लोग फाइलें लेकर बैठे दिखाई दिए। ये लोग फोन पर लाइसेंस और फिटनेस से संबंधित बातचीत कर रहे थे। वहीं सारथी भवन के अंदर दो-चार लोग ही मौजूद थे। सुरक्षा गार्ड ने बताया कि कार और मोटरसाइकिल के लाइसेंस के लिए परिसर में बने ट्रैक पर वाहन चलवाया जाता है।
हालांकि ट्रैक की मौजूदा स्थिति देखकर यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि यहां नियमित रूप से वाहन चलाकर परीक्षण होता भी है या नहीं। मोटरसाइकिल ट्रैक की हालत और खराब है। काई जमा होने के साथ बाउंड्री टूटी है और पेड़ों के कारण रास्ता भी स्पष्ट नहीं दिखता। ऐसे में परीक्षण के दौरान वाहन चालक के भ्रमित होने की आशंका बनी रहती है।
सप्ताह में तीन दिन होती है फिटनेस
एआरटीओ कार्यालय में आरआई का पद खाली है। इसके चलते वाहनों की फिटनेस सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को ही कराई जाती है। एआरटीओ प्रशासन का पद खाली होना भी कार्यालय की व्यवस्थाओं पर असर डाल रहा है।
ऑनलाइन टेस्ट में पास होने के बाद जिस पर संदेह होता है, उससे वाहन चलाकर भी देखा जाता है। वाहन चलाने के साक्ष्य भी कार्यालय में हैं।- एनसी शर्मा, एआरटीओ