औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
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इटावा में पकड़े गए आतंकी को असलाह सप्लाई करने के आरोप में बिधूना से शैलेंद्र को उठाया गया था। उसके बाद से एटीएस की गतिविधियों को लेकर लोग अभी भी सशंकित है। सूत्रों की मानें तो एटीएस अभी भी बिधूना व आसपास क्षेत्रों में पैनी निगाह रखे है। असलाह सप्लाई करने वाले पूरे गैंग के नेटवर्क को तलाशा जा रहा है।
लखनऊ में किराये के मकान में आतंकियों के मिलने के बाद एटीएस ने इटावा में छापेमारी की और लखना से आतंकियों के सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आतंकियों को असलाह सप्लाई के तार औरैया से जुड़े मिले। इस पर एटीएस ने बिधूना व बेला से दो लोगों को उठाया था। इसमें एक को पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। जबकि बिधूना निवासी फौजी के पुत्र शैलेंद्र को पिस्टल देने के आरोप में एटीएस गिरफ्तार कर ले गई थी।
वहीं शैलेंद्र के तार आतंकियों से जुड़े होने पर बिधूना में भी हर कोई हतप्रभ रह गया। लेकिन एटीएस को अभी आशंका है कि जिले में असलाह सप्लाई का पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। सूत्रों की मानें तो एटीएस अभी जिले में असलाह सप्लाई के पूरे नेटवर्क का खुलासा करेगी। वहीं असलाह फैक्ट्री को पकड़ने के लिए स्थानीय पुलिस ने भी छापेमारी की थी। मगर सफलता हाथ नही लगी थी।
कई लोग अभी भी रडार पर
एटीएस के रडार में अभी भी कई लोग हैं। जिनकी आर्थिक स्थिति, उनके शौक व लाइफ स्टाइल पर नजर रखी जा रही है। पकड़े गए शैलेंद्र के कुछ खास लोगों पर भी नजर बनी हुई है। हालांकि स्थानीय पुलिस एटीएस की कार्रवाई पर अनभिज्ञ बनी है। मगर पुलिस के ही सूत्र इसका भी दावा कर रहे हैं कि कुछ लोग अभी भी रडार पर है। एटीएस की कार्रवाई में सर्विलांस टीम भी काम कर रही है। जिसके तहत कई संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
अफवाहों का दौर भी है जारी
होली के दिन से औरैया शहर में अफवाहों का दौर भी शुरू हुआ। जिसमें मंगलवार को अपवाह फैली कि कुछ लोगों को एटीएस ने उठाया। मगर जिनके नाम सामने आ रहे थे वह बाजार में दिखे तो अफवाहों पर विराम लगा।