सहायल (औरैया)। मामूली सी बात पर मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे ने पिता के साथ मारपीट कर दी। इस दौरान बेटे के धक्का देने से पिता का सिर छप्पर की लकड़ी से टकरा गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार किया है।
सहायल के लखमीपुर गांव निवासी मथुरा प्रसाद (85) किसान थे। इनकी पत्नी रामबेटी और चार बेटे जगदीप, सुनील, अजय व वीरेंद्र है। सुनील व अजय दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। जबकि जगदीप व वीरेंद्र गांव में रहते हैं। वीरेंद्र मानसिक रूप से कमजोर है। बेटे जगदीप ने बताया कि मंगलवार सुबह वह खेतों पर काम करने गया था। घर में पिता, मां व वीरेंद्र थे। पिता ने सुबह खाने में आलू की सब्जी बनाई थी।
सब्जी में नमक कम होने की बात कहते हुए वीरेंद्र, पिता पर गुस्सा करने लगा। इतना ही नहीं वीरेंद्र ने पिता के साथ मारपीट की और उन्हें छप्पर की बल्ली की ओर धकेल दिया। लकड़ी से सिर टकराने पर पिता लहूलुहान हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घर में चीख पुकार मच गई।
आसपास के लोग आ गए और उन्होंने वीरेंद्र को पकड़कर पुलिस को सूचना कर दी। थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर ने बताया कि जगदीप की तहरीर पर वीरेंद्र के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट वीरेंद्र के खिलाफ दर्ज की गई। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि मथुरा अपने चारों बेटों में से सबसे अधिक वीरेंद्र को ही चाहता था क्योकि वह मानसिक रूप से कमजोर था। पत्नी रामबेटी भी बीमार रहती थी। इसलिए मथुरा ही खाना बनाकर पूरे परिवार को खिलाता था। किसी को नहीं पता था कि जिसे मथुरा ने सबसे अधिक प्यार दिया, वही मौत का कारण बन जाएगा। उधर, पुलिस पूछताछ में वीरेंद्र ने भी फफकते हुए कहा कि उसे नहीं मालूम था कि उसके धक्के से पिता की मौत हो जाएगी।