औरैया। शहर के बहुचर्चित मंजुल चौबे हत्याकांड की मंगलवार को न्यायालय में सुनवाई हुई। दोहरे हत्याकांड में विभिन्न जेलों में निरुद्ध सपा एमएलसी कमलेश पाठक सहित सभी 11 आरोपियों को विशेष एमपी/एमएलए/कोर्ट में पेश किया गया। जहां इस मुकदमें के दूसरे चश्मदीद गवाह संजय चौबे ने आरोपियों के विरुद्ध गवाही दी। अगली सुनवाई में 11 जनवरी को बचाव पक्ष के वकीलों की ओर से गवाह से जिरह की जाएगी।
शहर के मोहल्ला नरायनपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में 15 मार्च 2020 को अधिवक्ता मंजुल चौबे व उसकी चचेरी बहन की गोली मारकर हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस ने सपा एमएलसी कमलेश पाठक, उनके दो भाई संतोष पाठक, रामू पाठक, सरकारी गनर, कार चालक व सगे-संबंधी समेत 11 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
सभी के विरुद्ध हत्या में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई है। 21 महीनों से विभिन्न जेलों में निरुद्ध आरोपियों की सुनवाई विशेष न्यायालय एमपी एमएलए कोर्ट रजत सिन्हा के समक्ष चल रही है। इस मामले के वादी की गवाही पूर्ण होने के बाद दूसरे चश्मदीद गवाह संजय चौबे को गवाही के लिए तलब किया गया।
गवाह मंगलवार को कोर्ट में उपस्थित हुआ। जहां पर अभियोजन व बचाव पक्ष के वकीलों की उपस्थिति में गवाह संजय चौबे ने एफआईआर में लिखे गए तथ्यों को स्वीकारते हुए गवाही दी। उक्त गवाह से अब बचाव पक्ष के वकील जिरह करेंगे। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 11 जनवरी तय की है। गवाही के बाद सभी आरोपियों को वापस जेल भेज दिया गया।