औरैया। कोरोना वैक्सीन को लेकर भ्रम और डर की बात अब लगभग खत्म हो गई है। शुरुआत में जहां लोग वैक्सीन लगवाने में हिचकते थे, वहीं अब परिवार में एक-दो नहीं बल्कि सभी सदस्यों ने वैक्सीन लगवाकर कोराना से सुरक्षा का कवच पहन रखा है। ऐसे परिवार के लोग दूसरों को भी टीकाकरण के लिए जागरूक कर रहे हैं।
इस जागरूकता को लाने में बच्चे से लेकर युवा और बुजुर्ग तक अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं। वे अपने आसपास या नाते-रिश्तेदारों से बड़े गर्व से कहते हैं कि उन्होंने और उनके पूरे परिवार ने वैक्सीन लगवा ली है और सभी सुरक्षित व सेहतमंद भी है, अब दूसरों की बारी है। न डरे और न ही घबराएं, कोरोना का टीका बचाव का सबसे बेहतर तरीका है।
पिछले एक साल से चालू टीकाकरण अभियान में जिले में अब तक 19.26 लाख लोग वैक्सीन लगवा चुके है। स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों के मुताबिक 16.34 लाख लोगों ने कोविशील्ड व 2.90 लाख लोगों ने कोवैक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित किया है। 5689 लोग बूस्टर डोज भी लगवा चुके हैं। वहीं, 16 मार्च से अब तक 12 से 14 वर्ष के 1598 बच्चे भी कॉर्बेवैक्स लगवा चुके है।
जिले में अब कई परिवार ऐसे है, जिनके पूरे सदस्य कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवा चुके है। वह अब परिवार समेत खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे है। परिवार के सदस्य अब दूसरों को टीकाकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं। सदस्यों का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी है। बिना डर व भय के बच्चों को वैक्सीन लगवाने के लिए निर्धारित केंद्रों पर जरूर ले जाए क्योंकि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है।
आयुवर्ग पहली डोज दूसरी डोज
12 से 14 वर्ष 1598 000
15 से 17 वर्ष 76036 69703
18 से 44 वर्ष 643814 460193
45 से 59 वर्ष 223826 183091
60 वर्ष अधिक 126473 105431
जिला अस्पताल के कर्मचारी गणेश ने बताया कि परिवार में पांच सदस्य हैं। सभी सदस्यों को वैक्सीन लग चुकी है। पूरा परिवार स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहा है। 12 से 14 वर्ष के बच्चों में सबसे पहले टीका बेटी नंदनी को लगा था। अपील है कि लोग आगे आए और अपने बच्चों को भी टीका जरूर लगवाएं।
मुरादगंज के जसनपुर निवासी रामकेस ने बताया कि जैसे ही टीकाकरण शुरू हुआ उसने टीका लगा लिया था। इसके बाद पत्नी और बच्चों को भी टीका लगवाया। इसके साथ गांव के साथ जो भी लोग रिश्तेदारी में मिले उन्हें भी लगवा दिया। अब वह स्वयं बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करते हैं।