औरैया। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित दीपावली मेले में एसडीएम की ओर से जबरन रेहड़ी वालों को ले जाने का प्रयास करने पर व्यापारी नेताओं से कहासुनी हुई। इस पर व्यापारियों ने एसडीएम के खिलाफ सड़क पर धरने पर बैठकर नारेबाजी की। साथ ही फल व्यापारी को पीटे जाने का विरोध जताया। मामला बिगड़ते देख एसडीएम मौके से चले गए।
पुराना नुमाइश मैदान में छह दिवसीय दीपावली मेले का आयोजन होना है। मेले में शहर के रेहड़ी व पटरी दुकानदारों को दुकानें लगाने के लिए बुलाया गया था। जिसमें सुबह कोई नहीं पहुंचा। यह देख एसडीएम सदर रमेश चंद्र यादव, नगर पालिका ईओ बलवीर सिंह पुलिस बल के साथ शहर की सड़कों पर निकले। दिबियापुर रोड पर मिले रेहड़ी संचालकों को हड़काया और मेले में ठेला लेकर पहुंचने के निर्देश दिए। रेहड़ी वालों ने एसडीएम से त्योहार होने के चलते मेले में जाने पर नुकसान होने की दुहाई देकर गुहार लगाई। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
यह देख रेहड़ी संचालकों ने व्यापार मंडल के नेताओं को फोन से सूचना देकर जबरन मेले में ले जाए जाने की जानकारी दी। यह सुनते ही मौके पर पहुंचे उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई बबलू, संरक्षक देवेश शुक्ला, नगर अध्यक्ष अमर विश्नोई, युवा जिलाध्यक्ष दीपक अग्रवाल, मयंक शुक्ला, बृजेश बंधु, बंटी अग्रवाल, शिवम पोरवाल के अलावा अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुधीर पुरवार की एसडीएम से बहस हुई।
व्यापारियों ने बिना व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से वार्ता किए त्योहार पर व्यापारियों का शोषण करने का आरोप लगाया। इस बारे में एसडीएम ने बताया मेले में दुकानदारों को निशुल्क दुकानें दी जा रहीं हैं। रेहड़ी वालों को मेले में जाने के लिए कहा था। मेरा इसमें कोई गलत उद्देश्य नहीं था। मैं किसी को परेशान करने के इरादे से नहीं गया था।