औरैया। गाजियाबाद के मोदीनगर में स्कूल बस में लापरवाही के कारण एक छात्र की मौत के बाद से औरैया में परिवहन विभाग ने स्कूल वाहनों पर शिकंजा कसा गया। मानकों की अनदेखी कर विभाग ने दस दिन में 50 वाहनों के चालान कर 10 वाहन सीज किए। फिर भी संचालक स्कूली वाहनों के मानक पूरे नहीं कर रहे हैं।
जिले में सौ से ज्यादा स्कूल संचालित होते हैं। जिसमें करीब 230 वाहन हैं, इनमें करीब 70 से ज्यादा वाहन बिना मानक सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इससे बच्चों की जान खतरे में है। इन वाहनों में कई तो अनफिट हैं तो कई बिना बीमा के फर्राटा भर रहे हैं। सख्ती होने के बाद भी स्कूलों में इको, मारुति वैन और निजी बसों से बच्चों को ले जाया जा रहा है। सुरक्षा के नियमों के मुताबिक, पीला पेंट भी कुछ स्कूली वाहनों में नहीं है।
न ही मालिक को इसकी जानकारी न ही वाहनों में स्कूल वाहन लिखा। अभिभावक कम फीस के लालच में इन बच्चों को ऐसे वाहनों से सफर कराने से भी गुरेज नहीं कर रहे हैं। कई स्कूल प्रबंधन भी उनके यहां पहुंचने वाले वाहनों का संज्ञान भी नहीं ले रहे हैं। एआरटीओ अशोक कुमार ने बताया कि पीटीओ के साथ मिलकर पिछले दस दिन से बिना मानक पूरे किए सड़कों पर फर्राटा भर रहे स्कूली वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करा रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इन नियमों का पालन जरूरी
- पीले रंग का पेंट, ट्रांसपोर्ट परमिट होना चाहिए। बस के आगे व पीछे ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा हो। सभी खिड़कियों के बाहर लोहे की रॉड-ग्रिल होनी चाहिए। अग्निशमन यंत्र के साथ बस में स्कूल का नाम-नंबर होना चाहिए। दरवाजों में ताला लगा हो और सीटों के बीच पर्याप्त जगह होनी चाहिए व चालक को कम से कम पांच साल का वाहन चलाने का अनुभव हो।
अभिभावक के लिए सतर्कता
- बस खड़ी होने पर ही बच्चे को चढ़ाएं। चालक की हरकतों पर नजर रखना। ध्यान दें, कहीं चालक नशे में तो नहीं है। बस में हेल्पर संग स्कूल के जिम्मेदार शिक्षक हैं या नहीं। बच्चों के आने और जाने के समय पर ध्यान रखें। - बस के अंदर बच्चे को बैठने की जगह मिलती है या नहीं
- बस में सुरक्षा मानकों का पालन हो रहा है कि नहीं
मानक के विपरीत चलने पर सीज हुई स्कूल बस। संवाद- फोटो : AURAIYA
बिना पीला पेंट के दौड़ रही स्कूली वैन पर हुई सीज। संवाद- फोटो : AURAIYA