फोटो-10एयूआरपी-62- जीत का प्रमाण पत्र लेती रेखा वर्मा। संवाद
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बिधूना। सन 1952 से 2017 तक विधानसभा चुनाव में बिधूना विधानसभा सीट पर पुरुषों का कब्जा रहा। यहां पहली बार महिला विधायक के तौर पर सपा की रेखा वर्मा चुनाव जीती हैं।
इस बार सपा ने रेखा वर्मा, भाजपा ने रिया शाक्य और कांग्रेस ने सुमन व्यास को उतारकर महिलाओं पर भरोसा जताया। तो वहीं बसपा ने गौरव रघुवंशी को मैदान में उतारा था।
चुनाव के शुरुआती रुझान में ही लगने लगा था कि चाहे सपा जीते या भाजपा लेकिन इस सीट का इतिहास बदल जाएगा। इस बार महिला विधायक ही बनेगी।
अंतिम परिणाम में रेखा वर्मा भाजपा की रिया शाक्य को हरा कर विधायक बनीं। उन्हें बिधूना विधानसभा क्षेत्र की पहली महिला विधायक बनने का गौरव प्राप्त हुआ।
ससुर छह बार तो पति एक बार रह चुके विधायक
रेखा वर्मा के ससुर स्वर्गीय धनीराम वर्मा छह बार तो पति डॉ. महेश वर्मा एक बार विधायक चुने जा चुके हैं। स्व. धनीराम वर्मा 1980 में औरैया तो 1989, 1991, 1993, 1996 व 2007 में बिधूना विधानसभा से विधायक चुने गए थे।
इस दौरान वह 15 दिसंबर 1993 से 20 जून 1995 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रहे। 21 अप्रैल 1997 से 15 सितंबर 2001 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे।
धनीराम वर्मा ने 2009 में सपा छोड़कर विधानसभा की सदस्यता त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद हुए उपचुनाव में डॉ. महेश वर्मा बसपा से चुनाव लड़े और जीत हासिल कर विधायक बने।