औरैया। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को मिलने वाली यूनीफार्म धनराशि में गड़बड़ी न हो, इसके लिए विभाग के पोर्टल पर शिक्षकों को ड्रेस के साथ छात्रों की फोटो अपलोड करनी होगी। अभी तक विभाग व शिक्षकों को शिकायतें मिल रही थी कि अभिभावकों के खाते में धनराशि जाने के बाद भी ड्रेस व अन्य सामान नहीं खरीदा जा रहा है।
शैक्षिक सत्र 2021-22 में 89 हजार विद्यार्थियों को ड्रेस, जूते, मोजे, स्कूल बैग की खरीदने के लिए 1100-1100 रुपये डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में भेजे गए थे।
इनमें से तमाम ऐसे विद्यार्थी थे, जो स्कूल बिना ड्रेस व बैग के आते रहे। कई बार पूछने व जानकारी करने पर पता चला कि भेजी गई धनराशि का अन्य तरह से इस्तेमाल किया गया।
इधर ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ शिकायतें मिल रही थी कि इस धनराशि का उपयोग कई अभिभावकों ने स्कूल ड्रेस खरीदने में किया ही नहीं है। जिस पर क्रास चेकिंग के साथ ही धनराशि का सही इस्तेमाल हो, इसलिए यह पहल शुरू की गई है।
विभाग के अनुसार नए शैक्षिक सत्र 2022-23 में निदेशालय ने स्कूल ड्रेस खरीद के लिए प्रत्येक छात्र को डीबीटी के माध्यम से धनराशि भेजने की तैयारियां कर रहा है। ऐसे में पहले से सत्यापित किया जा रहा है कि धनराशि का कितना उपयोग हुआ है। इसके साथ ही नव नामांकित छात्र-छात्राओं को प्रेरणा पोर्टल पर पंजीकृत भी किया जाएगा।
सभी को निर्देशित कर दिया गया है कि विद्यार्थियों की स्कूल ड्रेस में फोटो अपलोड कराएं। जिन्होंने अभी तक स्कूल ड्रेस नहीं खरीदी है। वह भी जल्द खरीद लें। - चंदना राम इकबाल यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी