औरैया। कोरोना संक्रमित मरीज मिलने की सूचना जैसे ही स्वास्थ्य अधिकारियों में मिली, तो हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य अधिकारी एल-वन व एल-टू कोविड अस्पताल पहुंचे।
मरीज का इलाज किया, हालत गंभीर होने पर मरीज को ऑक्सीजन लगाया। मरीजों की हालत में सुधार हुआ। अरे चौंकिये नहीं... यह किस्सा सोमवार को जिले के कोविड अस्पताल में हुए मॉकड्रिल का है।
दो साल में कोरोना संक्रमण की पहली, दूसरी और तीसरी लहर कहर बरपा चुकी है। जिले में बड़ी संख्या में लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए और कुछ को अपनी जान गंवानी पड़ी।
देश में अधिकांश मौत की वजह बदहाल स्वास्थ्य सेवा, ऑक्सीजन, बेड, दवाइयां व इंजेक्शन की कमी रही। तीनों लहर से सीख लेते हुए स्वास्थ्य विभाग अब चौथी लहर से निपटने की तैयारियों में जुट गया है।
सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने चिचौली स्थित जिला अस्पताल में बने एल-टू, दिबियापुर, अछल्दा, अयाना व बेला सीएचसी में बने एल-वन कोविड अस्पताल में मॉकड्रिल किया गया।
कोविड संक्रमित के डमी (प्रतीकात्मक) मरीज को एंबुलेंस के माध्यम से कोविड अस्पतालों में लाया गया। उन्हें उपचार के लिए वार्ड में दाखिल करने व जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन समेत अन्य चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की जमीनी हकीकत परखी गई।
यहां ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति, दवाएं व पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्थाओं को स्वास्थ्य अधिकारियों ने देखा। एसीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण की चौथी लहर की संभावना को देखते हुए विभाग पूरी तरह तैयार है।
दिबियापुर सीएचसी में टेक्नीकल समस्या आई है, जिसे दुरुस्त कराने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा गया है। अयाना सीएचसी में एसीएमओ डॉ.शिशिर पुरी, दिबियापुर में डॉ. सलभ मोहन, अछल्दा में डिप्टी सीएमओ डॉ. मनोज व बेला सीएचसी में डॉ. देव नरायान कटियार मौजूद रहे और मॉकड्रिल के माध्यम से स्वास्थ्य व्यवस्था का जायजा लिया।
फोटो-28एयूआरपी-20 मॉकड्रिल के दौरान अयाना में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों से पूछताछ करते एसीएमओ डा. शि- फोटो : AURAIYA