दिबियापुर। लखनऊ में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के लिए दिबियापुर चेयरमैन अरविंद पोरवाल समेत कई पदाधिकारियों को पास न मिलने का मामला गरमा गया है। चेयरमैन ने भाजपा प्रदेश नेतृत्व द्वारा जारी पत्र की प्रति सोशल मीडिया पर डालकर भाजपा जिलाध्यक्ष पर भड़ास निकाली है।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह के लिए प्रदेश नेतृत्व ने क्षेत्रीय प्रभारी, क्षेत्रीय अध्यक्ष, जिला प्रभारी, जिलाध्यक्ष को पत्र भेजकर दिशा निर्देश जारी किए थे। शुक्रवार दोपहर साढ़े तीन बजे दिबियापुर चेयरमैन अरविंद पोरवाल ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर भाजपा जिलाध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए। लिखा कि नगर का प्रथम नागरिक होने के बावजूद उन्हें शपथ ग्रहण समारोह का पास नहीं दिया गया।
ठीक इसी प्रकार से भाजपा दिबियापुर के मंडल महामंत्री सदानंद राजपूत समेत कई अन्य पदाधिकारियों को भी एक साजिश के तहत पास नहीं दिए गए। जबकि प्रदेशीय नेतृत्व ने पत्र में साफ लिखा था कि जिले के जनप्रतिनिधियों सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर, चेयरमैन व अन्य प्रमुखों की सूची अलग से भेजें।
आरोप लगाया कि कुछ लोगों को बिना दायित्व के बड़ी मात्रा में पास जारी किए गए। चेयरमैन की इस पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी अपनी टिप्पणियां भी कीं। एक दो लोगों ने अपनी टिप्पणी में तो यहां तक कहा कि गुटबाजी के कारण ही जिले की तीन में से केवल एक ही सीट भाजपा जीत पाई।
जबकि पिछली बार तीनों सीटों पर भाजपा का कब्जा था। जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्रा का कहना है कि सबको पास दिए गए हैं। जिले से लगभग 500 लोग शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे भी। पास वितरण की जिम्मेदारी महामंत्री और पूरे संगठन की थी।