कौम की सलामती और अल्लाह के प्रत्येक बंदे को नेक रास्ते पर चलना चाहिए। अल्लाह बंदे की मदद के लिए फरिश्ते को भेजता है। यह फरिश्ते ही हमें कौम के लिए अच्छा करने की प्रेरणा देते हैं।
कस्बा फफूंद में चल रहे 113वें उर्स मुबारक पर मुफ्ती अनफासुल हसन ने कहा। उर्स में शामिल होने के लिए देश के कौने-कौन से लोग शिरकत कर रहे हैं।
कस्बा फफूंद में चल रहे 113वें उर्स मुबारक का जायरीन लुफ्त उठा रहे हैं। हाफिजे बुखारी ख्वाजा अब्दुस्समद चिश्ती का तीन दिवसीय उर्स फाजिर की नमाज के बाद कुरान ए पाक से शुरू हो गया। रात्रि नौ बजे अस्ताना आलिया से गागर शरीफ लेकर निकले।
जुलूस के साथ कव्वाल नातिया कलाम पढ़ते हुए जुलूस के आगे-आगे चल रहे थे। जुलूस मोहल्ला मोतीपुर होता हुआ मोहल्ला जुबैरी पहुंचा रास्ते में निर्धारित स्थान पर जुलूस का ठहराव हुआ। कव्वालों ने नातिया कव्वाली पढ़ी और बाद में महफिल-ए- शमां का प्रोग्राम शुरू हो गया।
इसी क्रम में दोपहर को प्रोग्राम में मौलाना मुफ्ती अनफासुल हसन ख्वाजा चिश्ती ने लोगों के प्रश्नों का जवाब दिया। गागर व चादर शरीफ के साथ फातिहा हुआ।