फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पराली जलाई तो जाना होगा जेल या भरना पड़ेगा जुर्माना

विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। शासन ने पराली जलाने को लेकर सख्त रुख अख्तियार किया है। गुरुवार को वीडियो ब्लॉक स्थित वीडियो कांफ्रेंसिंग में कृषि उत्पादन आयुक्त ने पराली जलाने वालों को जेल भेजने अथवा जुमाना लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने धान के ठूंठ को भूसे में तब्दील कर संबंधित गोशालाओं में भेजने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दी। उन्होंने अधिकारियों को उर्वरक की बिक्री प्रत्येक दशा में पीओएस मशीन के माध्यम से करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन

गुरुवार को कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी, कृषि निदेशक एपी श्रीवास्तव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए कि पराली किसी भी दशा में नहीं जलनी चाहिए। अधिकारी यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कर लें। ऐसा करने वालों को जेला भेजा जाए अथवा उनसे जुर्माना वसूलने की कार्रवाई की जाए। राज्य वित्त आयोग से धान का ठूंठ को काटकर भूसे में तब्दील कर अस्थायी गोशालाओं में ग्राम पंचायतों के माध्यम से पहुंचाया जाए।
कृषि आयुक्त ने कहा कि अक्टूबर माह में कैंप लगाकार पीएम किसान केसीसी कार्ड बनाए जाएंगे। जिसमें कृषि, दुग्ध उत्पादक पशुपालन, सुधार, मत्स्य विभाग के लक्ष्यों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषक उत्पादक संगठनों के लिए राज्य नीति पारित कर दी गई है। इस पर शीघ्र कार्रवाई शुरू की जाए। उर्वरकों की बिक्री प्रत्येक दशा में पीओएस मशीन से की जाए। जोत के हिसाब से आधार कार्ड के द्वारा की जाए। अनुमन्य उर्वरक ही वितरित किया जाए। इस पर विशेष निगरानी बरती जाए। पशुपालन विभाग को डेरी, मीट, पशु आहार निर्माता इकाईयों पर बैंकों में निर्धारित ब्याज पर तीन फीसदी कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग में डीएम अभिषेक सिंह, सीडीओ अशोक बाबू मिश्रा, उपकृषि निदेशक विजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें