दिबियापुर ( औरैया )। यूपीएससी में शैलेंद्र सिंह चौहान ने 227 वीं रैंक हासिल कर नाम रोशन किया है। उसकी आईपीएस में देश में 17वीं रैंक है। शैलेंद्र ने मोबाइल पर बताया कि उन्होंने सिविल सर्विसेज को समाज में शांति और विकास के लिए चुना है। वर्ष 2010 में शैलेंद्र की पत्नी रुचिका चौहान आईएएस में पहले सेलेक्ट हो चुकीं हैं। वर्तमान में रुचिका लाल बहादुर शास्त्री एकेडमी मंसूरी से ट्रेनिंग कर रहीं हैं। बहू के बाद बेटे का आईपीएस में सेलेक्शन होने से मां-बाप खुश हैं।
एनटीपीसी में मानव संसाधन विभाग के ला डिपार्टमेंट से सेवानिवृत्त डीपीएस चौहान एवं उनकी पत्नी इंगलिश मीडियम स्कूल में हिंदी शिक्षिका मीना चौहान ने बताया कि दो भाइयों एवं एक बहन में सबसे छोटे बेटे शैलेंद्र सिंह चौहान ने वर्ष 2002 में इंटरमीडिएट परीक्षा पास की थी। इसके बाद एसजीएसआईटीएस इंदौर से वर्ष 2006 में इंजीनियरिंग पास की। सीएससी नोएडा में तीन वर्षों तक साफ्टवेयर प्रोफेशनल के तौर पर काम किया।
इसके बाद सिविल सर्विसेज में जाने की ललक सवार हुई तो दूसरे प्रयास में वर्ष 2011 में आईआरएस में चुने गए। वर्तमान में असिस्टेंट कमिश्नर कस्टम सर्विसेज के लिए फरीदाबाद आईआरएस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से ट्रेनिंग चल रही थी। शैलेंद्र ने हौसला नहीं छोड़ा और फिर से सिविल सर्विसेज की तैयारी प्रारंभ कर दी। यूपीएससी के दो दिन पहले घोषित हुए रिजल्ट में शैलेंद्र ने एक बार फिर बाजी मार ली। इस बार आल इंडिया में 227वीं रैंक मिली है। जबकि आईपीएस में 17 वीं रैंक आई है। शैलेंद्र ने बताया कि उन्होंने दिल्ली के पातंजलि कोचिंग इंस्टीट्यूट करोलबाग से सिविल सर्विसेज की कोचिंग की है।
डीपीएस चौहान बताते हैं कि शैलेंद्र की पत्नी रुचिका ने वर्ष 2010 में सिविल सर्विसेज की परीक्षा में आल इंडिया में 50वीं रैंक पाई थी। वे इस समय लाल बहादुर शास्त्री एकेडमी मंसूरी से आईएएस की ट्रेनिंग कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि शैलेंद्र एवं रुचिका ने जीएसआईटीएस इंदौर से एक साथ बी टेक किया था। वर्ष 2011 में दोनों की शादी हुई थी।
शैलेंद्र के बड़े भाई श्यामेंद्र सिंह चौहान एचसीएल नोएडा में सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। जबकि शैलेंद्र की बहन सोना चौहान एनटीपीसी दिबियापुर में सीनियर इंजीनियर के पद पर है। बहनोई संदीप चंदेल एनटीपीसी दिबियापुर में ही डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।