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पांच अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई, स्पष्टीकरण तलब

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औरैया। भ्रूण की जांच रोकने के लिए कड़ी निगरानी के बावजूद अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण में खूब खेल किया गया है। नियमों को दरकिनार कर लाइसेंस दिए गए। एक डॉक्टर का 28 जगह पंजीकरण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की पोल खुली। इसके बाद हर कोई अपनी बचाने में जुटा है। विभाग ने पांच ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटरों को चिह्नित कर स्पष्टीकरण तलब किया है। इनके लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे।
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नियमानुसार अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण के दौरान यह जानकारी जरूरी होती है कि संबंधित रेडियोलॉजिस्ट के नाम पूर्व में कोई अल्ट्रासाउंड सेंटर किसी अन्य जिले में पंजीकृत तो नहीं है। इसके बाद भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी करना उचित नहीं समझा। प्यारी बिटिया पोर्टल पर बेला क्षेत्र में एक ऐसे अल्ट्रासाउंड का मामला सामने आया था।
इसमें पंजीकृत डॉ. अधीश पर्सिवाल जेम्स का मेरठ, कानपुर, मुरादाबाद, औरैया समेत 28 जगह पंजीकरण मिलने के बाद से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मचा है। नियमों को ताक पर रखकर जिलों में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर शासन नजर टेढ़ी हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने एक-एक चिकित्सक के कई जगह पंजीयन होने के मामले में जिले के पांच अल्ट्रासाउंड सेंटरों की सूची बनाई है। इनके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इन्हें नोटिस जारी किया गया है।
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नोडल अधिकारी डॉ. शलभ मोहन ने बताया कि शासन की ओर से भेजी गई सूची जिलाधिकारी के माध्यम से उनके विभाग को भेजी गई थी। जिसमें सभी संबंधित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
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