फोटो-03एयूआरपी -06 प्रदर्शनकारियों को समझाती पुलिस। संवाद
बिधूना। जलभराव केवल दिबियापुर में ही नहीं है। बेला भी इसकी चपेट में है। यहां भी लगातार रुक-रुककर हो रही बारिश से जलनिकासी ध्वस्त हो गई है। ऐसे में करीब 30 एकड़ फसलें जलमग्न हो गई है। साथ ही 50 से ज्यादा घर भी पानी से घिरे हुए हैं। इससे एक हजार की आबादी बेहद परेशान हो गई है। बुधवार को उनका गुस्सा सड़क पर फूटा। बेला कस्बा के मंडी रोड पर किसानों ने सड़क जाम करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। काफी संख्या में महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। भनक पाकर बेला पुलिस पहुंची। काफी देर समझाने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन बंद किया।
बेला कस्बा में मंडी रोड पर नाले का पानी ओवरफ्लो होकर खेतों और घरों में भर गया है। बारिश के पानी से हुए जलभराव से करीब 30 एकड़ धान बाजार व मक्का आदि फसलें डूबी हुई है। कई मकान तो गिरने की कगार पर हैं। यही नहीं हैंडपंप भी पानी में डूबे हुए हैं। जलभराव की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने बेला कस्बा में रोड पर जमकर प्रदर्शन किया। सूचना पर बेला थाना के दरोगा उपेंद्र कुमार व भाजपा नेता मौके पर पहुंचे। सड़क पर बैठी महिलाओं व ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। करीब आधे घंटे बाद मामला शांत हो सका।
आश्वासन दिया गया कि जलनिकासी के लिए व्यवस्था जल्द कराई जाएगी। इसके लिए उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई है। यहां के निवासी कुसुमा देवी, रामश्री, नीलम और बेबी ने बताया कि जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को कई बार समस्या से रूबरू कराया गया लेकिन उसका अभी तक कोई हल नहीं निकला है। यहां जलनिकासी के लिए नाला ही नहीं है। ग्रामीणों ने एलान किया कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करेंगे।
उधर ग्राम प्रधान राकेश सिंह चौहान ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वो इस समस्या के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों से बात कर रहे हैं। वहीं, जिला पंचायत सदस्य गायत्री देवी ने बताया कि जल्द पानी की समस्या से समाधान होगा। जिला पंचायत निधि से एक करोड़ 80 लाख से नाले का बजट पास हो चुका है। बारिश के बाद नाला निर्माण शुरू कराया जाएगा।
फोटो-03एयूआरपी -06 प्रदर्शनकारियों को समझाती पुलिस। संवाद
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