फोटो-07एयूआरपी-11- सीएचसी बेला में रखी पौध। संवाद
स्वास्थ्य केंद्र पर सूख रहे 250 पौधे
- मजदूर न मिलने पर पौधे न रोपे जाने की कही बात
संवाद न्यूज एजेंसी
बेला। पौधरोपण कर पर्यावरण को लेकर हरा-भरा करने की जिले में मुहिम चल रही है। कई विभागों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। बावजूद इसके जिम्मेदार गंभीर नजर नहीं आ रहे है। हालात यह हैं कि दो दिन से सीएचसी बेला में रखे 250 पौधे रोपे न जाने की वजह से सूखने लगे हैं। जिम्मेदार प्रधान द्वारा मजदूर न भेजे जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर भले ही कड़े दिशा निर्देश दिए जा रहे हों, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते हरियाली को सुरक्षित रखना मुश्किल हो गया है। यही कारण रहा कि पिछले वर्षो में रोपे गए लाखों पौंधों का नामोनिशान तक नहीं बचा है। पांच जुलाई को जिले में 52 लाख पौधों को रोपने के लिए वृहद स्तर पर अभियान चला। शासन से आए नोडल अधिकारी ने समीक्षा की और अलग-अलग विभागों को लक्ष्य देकर जिम्मेदारी दी। इसके बाद भी जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट गए। इसका उदाहरण बेला सीएचसी पर मंगलवार को भेजे गए 250 पौधे हैं। इन्हें दो दिन बीतने के बाद भी नहीं रोपा गया और वह अब सूखने लगे हैं। सीएचसी प्रभारी डा. चंद्रशेखर ने बताया कि मंगलवार को रोपण के लिए 250 पौधों की खेप सीएचसी पहुंच गई थी। सिर्फ रोपण ही नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी दी गई है। पौधों को रोपित करने के लिए ग्राम प्रधान को सूचना दी गई थी। प्रधान ने मजदूर नहीं भेजे, जिससे इन्हें रोपा नहीं जा सका है।