यूपी के इलाहाबाद के फाफामऊ जिले के गांव रंगपुरा के प्रधान युवराज सिंह के भाई हजारीलाल के बृहस्पतिवार रात कत्ल से नाराज लोगों ने शुक्रवार सुबह खूब बवाल काटा।
परिजनों और क्षेत्रीय लोग इस हत्या में एक सिपाही की भूमिका सामने आने से गुस्सा था। भीड़ ने सुबह फाफामऊ तिराहा स्थित उस पान की दुकान को तोड़ डाला जिसके बाहर हत्या की गई थी।
इसके अलावा तीन रोडवेज बस समेत दर्जन भर से ज्यादा गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। प्रतापगढ़ और वाराणसी रोड पर चक्काजाम किया और पुलिस को भी दौड़ा लिया।
थानेदार और दूसरे पुलिसकर्मी जान बचाकर भागे। मामले में सिपाही को नामजद करते हुए केस लिखाया गया है।
प्रधान कुश कुमार सिंह उर्फ युवराज के छोटे भाई हजारीलाल सिंह (26) की बृहस्पतिवार रात फाफामऊ तिराहा पर पन्नालाल की पान के दुकान के सामने हत्या कर दी गई थी।
उस पर पहले बम फेंके गए, फिर पकड़कर गोलियां मार दी गईं। हजारीलाल के घरवालों को पता चला कि बदमाशों के हमले पर वह पान की दुकान में घुसा था लेकिन पन्नालाल ने बेटे भीम की मदद से उसे बाहर कर शटर गिरा दिया था। इसके बाद हजारीलाल को गोली मारी गई थी।
इससे गुस्साए लोगों ने सुबह करीब सात बजे पान की दुकान पर धावा बोलकर तोड़फोड़ कर दी। दुकान का सामान बाहर फेंक दिया। तख्त तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया। बवाल के दौरान तोड़फोड़ की और विरोध पर मारपीट भी की गई। इस बीच भीड़ के बीच फंसने पर दो सिपाहियों को फायरिंग करनी पड़ी।
गुस्साए लोगों ने हत्या में संदिग्ध सिपाही को फाफामऊ चौकी में घुसकर पीट दिया। प्रधान कुश कुमार उर्फ युवराज की अर्जी पर सिपाही रामसहाय यादव को नामजद और चार अन्य के खिलाफ मुकदमा लिखा गया।