उत्तर प्रदेश में सरधना के खेड़ा की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि खेड़ा महापंचायत में लाठीचार्ज के दौरान बचने के लिए एक कमरे में छिपी महिलाओं पर सादी वर्दी वाले पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ लाठियां बरसाईं, बल्कि उनके कपड़े तक फाड़ दिए।
उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ के जवानों के विरोध करने पर किसी तरह खेड़ा महिलाएं गांव पहुंच सकीं।
मंगलवार को खेड़ा पहुंचने पर महिलाओं ने बताया कि पुलिस ने उनके साथ खूब अभद्रता की थी। गांव की तीन महिलाओं और दो युवतियों ने न केवल सादी वर्दी वालों की करनी बताई बल्कि अपने फटे कपडे़ भी दिखाए।
एक महिला ने बताया कि रविवार को महापंचायत के दौरान जब वह नल पर पानी पी रही थी, तभी पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। बचने के लिए करीब 20-25 महिलाएं और युवतियां कॉलेज के कमरे में छिप गईं। इसी दौरान फायरिंग शुरू हो गई। वो कमरे में ही छिपी रहीं।
जब फायरिंग बंद हुई तो वें जाने लगीं। इसी बीच वहां सादे कपड़े और वर्दी वाले कुछ पुलिस वालों ने उन्हें लाठी मारते हुए कमरे में धकेल दिया। इन पुलिस वालों ने कमरे के भीतर सभी पर खूब लाठियां बरसाईं और कपड़े तक फाड़ डाले।
एक महिला ने रोते हुए बताया कि इन पुलिस वालों ने ऐसी हरकतें की जो बताई नहीं जा सकती। उनकी चीख पुकार पर सीआरपीएफ के जवान पहुंचे और पुलिस वालों को धमकाते हुए गांव के रास्ते छोड़कर आए।