गाजियाबाद के कोर्ट में आरुषि-हेमराज मर्डर केस में शुक्रवार को एम्स से रिटायर्ड डा. आरके शर्मा से अभियोजन ने जिरह पूरी की।
अपने बयान में गवाह ने कहा कि हेमराज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके प्राइवेट पार्ट पर सूजन दिखायी गई है। उसका कहना था कि यदि मरने से पूर्व किसी के प्राइवेट पार्ट पर चोट पहुंचायी जाए तो उस जगह पर सूजन आ सकती है।
इससे पूर्व डबल मर्डर केस की आरोपी डा. नूपुर तलवार सीबीआई विशेष न्यायाधीश एस. लाल की कोर्ट में पेश हुई। लोक अभियोजक बीके सिंह ने गवाह से जिरह पूरी की।
अभियोजन के सवाल पर गवाह का कहना था कि उसने अभियोजन के गवाहों द्वारा कोर्ट में दर्ज कराये बयानों का केवल वैज्ञानिक विश्लेषण किया है।
यह कहना गलत है कि वह पहले से ही तय कर चुका था कि विश्लेषण उसने मुल्जिमों के फेवर के लिए किया है। उसने बताया कि अभियुक्तगणों ने उसे हेमराज की लाश के जो फोटो दिखाये थे, वह पोस्टमार्टम के बाद के हैं।
पुलिस ने पंचनामे में उसकी लाश में सड़न नहीं दर्शायी है तो उसका कारण यह है कि पुलिस को फोरेंसिक साइंस की जानकारी नहीं होती है।
गवाह ने कहा कि वह नहीं बता सकता कि हत्या वाली रात आरुषि ने क्या खाया था। आरुषि की मृत्यु का समय उसके खाने केआधार पर नहीं, बल्कि उसकी लाश में आई अकड़न के आधार पर निश्चित किया था।